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Amroha News: पर्चा बनवाने से डॉक्टर तक पहुंचने में लग रहा एक घंटा, इलाज दो मिनट में

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अमरोहा। नगर के सुबोधनगर निवासी रामस्वरूप को तीन दिन से बुखार आ रहा है। सोमवार सुबह दस बजे वह अस्पताल पहुंचे। आधा घंटा लाइन में लगने के बाद पर्चा बना। फिर करीब आधा घंटा डॉक्टर तक पहुंचने में लगा। रामस्वरूप के मुताबिक मर्ज बताने से पहले ही दो मिनट में ही चिकित्सक ने उनको दवा लिखकर पर्चे के साथ भेज दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने न तो नब्ज पकड़ी और न ही आला (स्टेथोस्कोप) लगाया। इसके बाद दवा लेने के लिए भी करीब 20 मिनट तक उनको लाइन में लगना पड़ा।
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यह एक इकलौता मामला नहीं ऐसे कई मरीज सामने आए जिन्होंने यह बात कही। हालांकि, इस संबंध में किसी ने शिकायत नहीं की है। जिला अस्पताल सहित जिलेभर के सीएचसी में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। उनका आरोप है कि मर्ज सुनने से पहले ही चिकित्सक पर्चे पर दवा लिख देते हैं। ज्यादातर दवाइयां बाहरी मेडिकल को लिखी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज करने वाले मरीजों की जिला अस्पताल और सीएचसी के बाहर मेडिकलों पर भीड़ रहती है। सोमवार को भी अस्पतालों में मरीज बेबस दिखे। कोई कक्ष के बाहर लाइन में लगकर डॉक्टर का इंतजार करता दिखा तो कोई बेंच पर बैठकर। वहीं, कई मरीज इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
जिला अस्पताल में तीन काउंटरों पर पर्चा बनाने की व्यवस्था है। सोमवार को सुबह पर्चा बनवाने और ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई। जैसे-जैसे समय बढ़ रहा था, वैसे-वैसे मरीजों की लाइन लंबी होती जा रही थी। पर्चा काउंटर, दवा काउंटर और लैब पर मरीजों की भीड़ थी।
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मरीजों को पर्चा काउंटर पर काफी देर तक कतार में लगना पड़ा। दस बजे के बाद भीड़ अधिक होने पर मरीज व उनके तीमारदारों में पहले पंजीकरण कराने को लेकर धक्का-मुक्की होने लगी। सुरक्षा गार्डों ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसके अलावा डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। यहां भी मरीजों को करीब एक घंटे लाइन में लगना पड़ा। दवा वितरण कक्ष में भी कम स्वास्थ्य कर्मी होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 350 बुखार के मरीज थे। बुखार के मरीजों की जांच चिकित्सकों के द्वारा लिखी गई। जांच कराने के लिए ये मरीज पैथोलॉजी पर एकत्र थे। यहां भी सैंपल देने के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा था। सैंपल देने के बाद जांच रिपोर्ट के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
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रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को सभी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ रहती है। भीड़ होने के कारण अस्पतालों में व्यवस्था दिखाई देती है लेकिन होती नहीं है। किसी डॉक्टर के कक्ष के बाहर भीड़ होगी तो लाइन में लगाना स्वाभाविक है। सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। -डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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नेत्र चिकित्सक नहीं होने पर परेशान होकर लौट रहे मरीज
हसनपुर। सीएचसी में नेत्र चिकित्सक नहीं होने कारण आंखों की जांच और उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ न होने के कारण दूर-दराज से आने वाले लोग बिना इलाज के लौटने को मजबूर हैं। मरीजों व तीमारदारों का कहना है कि वह अस्पताल में आंखें दिखाने आते है, लेकिन उन्हें पता चलता है कि यहां कोई नेत्र चिकित्सक नहीं है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द सीएचसी में नेत्र चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की है। सीएचसी प्रभारी डा.ध्रवुेंद्र सिंह का कहना है कि नेत्र चिकित्सक की तैनाती कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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रहरा सीएचसी से लैब टेक्नीशियन नदारद, मरीज परेशान
रहरा। सीएचसी सोमवार सुबह 11:50 बजे तक लैब टेक्नीशियन व एक्स-रे टेक्नीशियन के अनुपस्थित रहने से मरीज परेशान रहे। मलकपुर निवासी प्रेमवती, बुरावली निवासी सितारा और चंदनपुर निवासी रेखा ने बताया कि वे सभी बुखार से पीड़ित हैं और खून की जांच कराने के लिए लैब टेक्नीशियन का इंतजार कर रही हैं। वहीं, भूवरा निवासी जेतून ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उन्हें कई दिनों से सीने में दर्द की शिकायत है और वह एक्स-रे कराने आई थीं, लेकिन एक्स-रे टेक्नीशियन के न मिलने से उन्हें बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है।
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