अमरोहा। गांव पंजूसराय में बैंक टीम के सामने कर्जदार अशोक द्वारा खुद को आग लगाने के मामले की डीएम डॉ. नितिन गौड़ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को सीडीओ अश्वनी मिश्रा और एलडीएम उमेश कुमार प्रजापति ने संबंधित बैंक मैनेजर, अधिवक्ता और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। वहीं नायब तहसीलदार और लेखपाल से भी पक्ष मांगा गया है। आग से गंभीर रूप से झुलसे अशोक का प्रशासन और पुलिस की निगरानी में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल में पुलिस और लेखपाल की ड्यूटी भी लगाई गई है। चर्चा है कि इलाज का पूरा खर्च प्रशासन द्वारा उठाया जा सकता है। पंजूसराय निवासी अशोक और उनके भाई विपिन ने वर्ष 2019 में पंजाब नेशनल बैंक से 15 लाख रुपये का ऋण लिया था। आरोप है कि अधिकांश ऋण चुकाने के बावजूद बैंक द्वारा सब्सिडी का लाभ नहीं दिया गया और अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही थी। इसी विवाद में बैंक ने पहले मकान सील किया था।
मामला अदालत में विचाराधीन है। बृहस्पतिवार को बैंक टीम पुलिस के साथ बिना पूर्व सूचना मकान खाली कराने पहुंची और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। इससे आक्रोशित होकर अशोक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीडीओ अश्वनी मिश्रा, एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह, और एलडीएम उमेश कुमार प्रजापति की संयुक्त जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।