अमरोहा। केतवाली पंडकी गांव में दो बच्चों की मौत के बाद शुक्रवार को मासूम माहिर के शव को तालाब के गड्ढे से निकाला गया। डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया, लेकिन उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसलिए डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित किया है। अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही माहिर की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इससे पहले डीएम राजेश कुमार की अनुमति के बाद तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने शव को गड्ढे से निकलवाया था।
देहात थानाक्षेत्र केतवाली पंडकी गांव में चौबीस घंटे के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई। गांव निवासी विपिन सैनी के बेटे माहिर की संदिग्ध हालत में मंगलवार को मौत हो गई थी। मासूम माहिर का शव पड़़ोसी के घर में मिला था। घर का दरवाजा बंद था। वह अंदर कैसे पहुंच गया यह रहस्य बना हुआ है। उसके चेहरे और माथे पर चोट के निशान थे। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के उसके शव को दफन कर दिया था। इसके बाद बुधवार को गांव के ही बारह वर्षीय चिराग का शव मिला। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
चौबीस घंटे में एक बच्चे की हत्या और दूसरे की संदिग्ध मौत के बाद हरकत में आई देहात थाना पुलिस ने माहिर के शव का भी पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया। परिजनों की मांग पर डीएम राजेश कुमार त्यागी ने बुधवार की देर रात शव को गड्ढे से निकलवा कर पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी। जिसके बाद शुक्रवार की सुबह 11 बजे तहसीलदार हेमंत कुमार की मौजूदगी में मासूम माहिर के शव को निकलवा कर पोस्टमार्टम करवाया गया।