रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते यूक्रेन की कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में 350 छात्रों से साथ नौगांवा सादात के बिलना निवासी मोहम्मद शारिक भी फंसे हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यहां थोड़ी-थोड़ी देर में बम और गोलीबारी की आवाज सुनाई दे रहे है। सड़कें पर सन्नाटा छाया हुआ है। साथ ही सायरन की आवाज सुनते ही छात्रों को बंकर में छिपना पड़ रहा है। जान बचाने के लिए कभी बंकर तो कभी हॉस्टल की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है।
मोहम्मद शारिक ने बताया कि यहां फंसे छात्रों ने दो दिनों से खाना नहीं खाया है। छात्र भूखे हैं। यूक्रेनी नागरिक मॉल से खरीदारी नहीं करने दे रहे हैं। वहां लोग अपने घरों में अधिक से अधिक सामान इकट्ठा कर रहे हैं।
शारिक का आरोप है कि यूक्रेनी नागरिक भारतीय छात्रों को निशाना बना रहे। वहीं छात्र जब भारतीय दूतावास अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो वह कीव के स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए कहते हैं, जबकि यह स्टेशन आठ किलोमीटर दूर है। ऐसे में छात्र कैसे वहां पहुंच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार सुबह कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से 500 मीटर दूर बम ब्लास्ट हुए था। कीव तीन दिन का कर्फ्यू लग चुका है। सड़कों पर जवान दिखते हैं। छात्रों ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि उन्हें पोलैंड या रोमानिया छोड़ा जाए। बिहार के सीतामऊ जनपद निवासी फैसल अब्बास ने बताया कि यूक्रेन के आम लोगों ने भी अपनी सुरक्षा के लिए हथियार उठा लिए हैं। ऐसे हालातों में भारतीय छात्रों के साथ कुछ भी हो सकता है। छात्रों ने भारत सरकार सभी को जल्दी स्वदेश बुलाने की अपील की है।
जोया के नूरुल हसन ने बताया यूक्रेन का अनुभव
चार दिनों से चल रहे रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते यूक्रेन के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कीव में भारतीय दूतावास के पास स्कूल में फंसे छात्रों का बुरा हाल है। जोया निवासी छात्र नूरुल हसन ने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारी भी टाल रहे हैं। यूक्रेन में तीन दिन का कर्फ्यू लग चुका है। माइनस तीन डिग्री तापमान में फर्श पर सोने को मजबूर हैं। हालांकि शनिवार को भारतीय अधिकारियों ने करीब 200 छात्रों को स्कूल से निकाल कर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया है।
नूरुल हसन ने बताया कि यूक्रेन के नागरिक भी छात्रों को परेशान करने लगे हैं। पोलैंड सीमा पर 50 किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई है। रोमानिया में भी हजारों छात्र फंसे हुए हैं। रात में बंकरों का तापमान माइनस तीन डिग्री तक पहुंच रहा है। इन हालातों में छात्र परेशान हो रहे हैं।
फंसे हुए छात्रों में नूरुल हसन की बहन कमर जहां, उमर जहां, बिजनौर का आसिम और हसनपुर का सलमान समेत 250 दूसरे जनपद और राज्यों के भी हैं। मालूम रहे कि यह छात्र 24 फरवरी को स्वदेश लौटने वाले थे, लेकिन फ्लाइट रद्द होने के कारण उन्हें भारतीय दूतावास के पास एक स्कूल में रखा गया है।
यूक्रेन में फंसा हसनपुर का छात्र, वतन
वापसी की उम्मीद लगा रहे परिजन
हसनपुर के मोहल्ला कुरैशियान निवासी सलमान यूक्रेन की राजधानी कीव में फंस गया है। इस समय वह भारतीय दूतावास में 20 साथी छात्रों के साथ है। उसके परिवारजनों सहित उनके करीबी रिश्तेदार और शहर निवासी सभी परेशान हैं।
हसनपुर के मोहल्ला कोट पूर्वी कुरैशियान निवासी शरीफ कुरैशी का बेटा सलमान यूक्रेन में टर्नोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के चौथे वर्ष का छात्र है। परिजनों ने बताया कि लगभग छह माह पूर्व यूक्रेन गया था। वह कीव स्थित भारतीय दूतावास में अपने 20 साथी छात्रों के साथ हैं। इससे पहले हसनपुर के मोहल्ला होली चौक निवासी आयुष भारद्वाज, गांव कालाखेड़ा निवासी सरफराज एवं सैदनगली निवासी नवैद हैदर के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिली है। इनमें से अभी तक कोई भी छात्र भारत नहीं आ सका है।