अवैध कारतूस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए हसनपुर निवासी गन हाउस स्वामी के बेटे एवं 25 हजार रुपये का इनामी प्रतीक सक्सेना के जेल जाने के बाद फिरोजाबाद की जीआरपी टीम लगातार हसनपुर पर नजर बनाए हुए है। चौबीस घंटे में दो बार गन हाउस पर पहुंचकर जांच पड़ताल की गई।
22 अप्रैल की सुबह जनपद फिरोजाबाद के टूंडला में रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी ने दो लोगों को पकड़ा था। उनके पास से करीब 700 से अधिक अवैध कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में आरोपियों ने कारतूस अमरोहा जनपद के हसनपुर से खरीदे जाने की बात कबूल की थी। आगरा पुलिस अधीक्षक रेलवे मोहम्मद मुश्ताख से इनपुट मिलने के बाद हसनपुर पुलिस ने कस्बे के मोहल्ला कायस्थान स्थित हरदयाल सिंह एंड संस के स्वामी सुशील चंद्र सक्सेना को हिरासत में लेकर उसके बेटे प्रतीक सक्सेना निवासी मोहल्ला कायस्थान थाना हसनपुर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद फिरोजाबाद जीआरपी की टीम आरोपी प्रतीक को अपने साथ ले गई थी और वहां से जेल भेज दिया था। फिरोजाबाद में दर्ज हुए मुकदमे में प्रतीक वांछित है। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित है। अब अवैध कारतूस की खरीद-फरोख्त के तार मेरठ से जुड़े होने के बाद अलीगढ से भी प्रतीक द्वारा कारतूस खरीदे जाने की बात सामने आई है। गुरुवार शाम को फिरोजाबाद जीआरपी की टीम ने हसनपुर पहुंचकर प्रतीक की कार कब्जे में लेकर चालक को भी हिरासत में लिया था। चालक से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य पुलिस के हाथ लगे हैं। शनिवार रात को फिरोजाबाद जीआरपी की टीम ने सीओ के नेतृत्व में हरदयाल गन हाउस के ताले खोलकर घंटो जांच पड़ताल की थी। इसके बाद फिर रविवार दोपहर को फिरोजाबाद की जीआरपी की टीम हसनपुर पहुंच गई। माना जा रहा है कि अवैध कारतूस प्रकरण में पुलिस को कोई खास जानकारी हासिल लगी है। जिसके लिए जीआरपी की टीम ने हसनपुर में डेरा डाल दिया है।