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शहर को जलभराव से कैसे मिलेगी निजात, 39 लाख खर्च करने में पालिका ने खड़े किए हाथ

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अमरोहा में सत्रह अक्तूबर को बारिश के दौरान कोतवाली के गेट पर जलभराव। फाइल फोटो। - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। शहर की सबसे बड़ी समस्या जलभराव को दूर करने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग विभाग ने डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने में 39 लाख का खर्च बताया है। डीपीआर के लिए इतनी रकम खर्च करने में नगर पालिका ने हाथ खड़े कर दिए। उसके मुताबिक रकम बहुत ज्यादा है। अधिशासी अधिकारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग विभाग को पत्र भेजा है। उन्होंने डीपीआर तैयार करने के लिए 39 लाख रुपये की लागत को कम करने के लिए कहा है। इसके तहत शहर के विभिन्न हिस्से का सर्वे, प्लानिंग, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रीपरेशन ऑफ दी ड्राइंग एंड एस्टीमेट तैयार की जाना है। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) की ओर से शहर में जल निकासी के लिए दिसंबर 2014 से कांठ रोड पर नाला निर्माण शुरू किया गया। वाटर स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम को मार्च 2017 में पूरा करना था। नगर पालिका परिषद के विभिन्न मोहल्लों, कांठ रोड और कैलसा रोड पर पांच किलोमीटर से अधिक लंबे आरसीसी के नाले बनाए गए हैं। इस पर 30.08 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं, लेकिन छह साल नौ महीने का अरसा गुजरने के बावजूद नाला निर्माण अधूरा है। हल्की बारिश में शहर के 95 प्रतिशत से अधिक मोहल्ले की आबादी जल मग्न हो जाती है। पुनरीक्षित इस्टीमेट के तौर पर सीएंडडीएस ने 44 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है।
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बसपा सांसद कुंवर दानिश अली के पहल के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग से संपर्क साधा। प्रोफेसर नदीम खलील ने टीम के साथ 16 सितंबर को शहर के विभिन्न इलाकों का स्थलीय भ्रमण किया। तकनीकी टीम ने जल निकासी की संभावना को तलाशा। इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 39 लाख रुपये में डीपीआर-विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की बात कही। हालांकि इस रकम को नगर पालिका ने अधिक करार दिया है।
अधिशासी अधिकारी डॉ. बृजेश कुमार ने प्रोफेसर नदीम खलील को भेजे गए पत्र में कहा है कि नगर पालिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके अलावा सरकार से कोई बजट नहीं मिल रहा है। यह काम अपने संसाधनों से कराना है। ऐसे में रकम को कम और किस्त में भुगतान करने के लिए सहमति प्रदान करें।
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सीएंडडीएस ने नाला निर्माण के लिए और मांगे हैं 14 करोड़
त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत जल निकासी के लिए 30.08 करोड़ रुपये खर्च कर हो गई है। सीएंडीएस ने पुनरीक्षित प्राक्कलन 44.07 करोड़ रुपये की तैयार की है। उसने नगर विकास विभाग से 13.99 करोड़ रुपये की और मांग की है।
तहसील, कोतवाली और नगर पालिका में भर जाता है पानी
अमरोहा। हल्की बारिश में शहर की जल निकासी व्यवस्था धड़ाम हो जाती है। नगर पालिका परिसर में पानी घुस जाता है। इसके अलावा कोतवाली, तहसील और प्रधान डाकघर में भी पानी भर जाता है।
कुलपति जी! अमरोहा-अलीगढ़ का रिश्ता है पुराना, फीस कम कराए
अमरोहा। बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि शहर ऐतिहासिक और धार्मिक नजरिए से महत्वपूर्ण है। जिले के लोगों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बहुत योगदान दिए हैं। ऐसे में यह दोनों जिलों का रिश्ता बहुत मजबूत है। लिहाजा जलनिकासी में महारथ हासिल करने वाली इंजीनियरिंग विभाग के कामों से अमरोहा के लोगों को लाभ जरूर मिले। जल निकासी के लिए डीपीआर-विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए 39 लाख रुपये के फीस को कम करें। कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को भेजे गए पत्र में बसपा सांसद दानिश अली ने कहा कि विश्वविद्यालय के कार्य परिषद का सदस्य हूं। लोकसभा में अमरोहा का प्रतिनिधित्व करता हूं ऐसे में अमरोहा शहर की बेहतरी के लिए योगदान का हक मेरा भी है। दरअसल जल निकासी की समस्या से शहर के लोग कई वर्षों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका आर्थिक तौर पर कमजोर है। ऐसे में फीस को कम कराए ताकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट-डीपीआर तैयार कराई जा सके।
शहर की जल निकासी के समाधान के लिए प्रयास हो रहा है। एएमयू अलीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग को पत्र भेजा गया है। डीपीआर तैयार करने के लिए 39 लाख रुपये की लागत को कम की जाए।
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डॉ. बृजेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
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