मारपीट के मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी नहीं होने देने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले हेड कांस्टेबल रवि कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ये कार्रवाई जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद की गई है। आरोपी हेड कांस्टेबल मूलरूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। वर्ष 2011 बैच में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। एसपी ने उसे निलंबित कर दिया है।
ये मामला रहरा थाने से जुड़ा है। आदमपुर थानाक्षेत्र के ढेकला गांव में रहने वाले विजयपाल सिंह ने अपने ही गांव के सूगणपाल, श्रीचंद और तिलकवीर के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना में विजयपाल सिंह को गंभीर चोट लगी थी। इस मुकदमे में मेडिकल के आधार पर धाराओं की बढ़ोतरी होनी थी।
जबकि, मारपीट के आरोपियों की तरफ से होमगार्ड देशपाल सिंह पैरवी कर रहे थे। होमगार्ड देशपाल सिंह रहरा थाने में मदद मांगने पहुंचे तो यहां तैनात हेड कांस्टेबल रवि कुमार से उनकी बात हुई। आरोप है कि हेड कांस्टेबल रवि कुमार ने मुकदमे में हत्या की कोशिश अन्य धाराओं की बढ़ोतरी नहीं होने देने की बात कहते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
बावजूद इसके आरोपी सूगणपाल, श्री चंद और तिलक वीर के खिलाफ जांच अधिकारी राकेश कुमार बंसल ने मेडिकल के आधार पर धारा 308 व 325 की बढ़ोतरी कर दी। जब ये बात देशपाल सिंह को पता चली तो उन्होंने हेड कांस्टेबल रवि कुमार से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि हेड कांस्टेबल रवि कुमार ने रुपये देने से मना कर दिया। पीड़ित देशपाल सिंह ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की तो 26 अगस्त 2024 को उसने 20 हजार रुपये वापस कर दिए।
जबकि, बकाया 30 हजार रुपये देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं बकाया रुपये मांगने पर झूठे मुकदमा में फंसने की धमकी दी। सिपाही की करतूत से परेशान होकर देशपाल सिंह ने मामले की शिकायत एसपी कुंवर अनुपम सिंह से की। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराई। जिसमें हेड कांस्टेबल रवि कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप ही पाए गए।
मामले को गंभीरता से लेकर एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने पीड़ित देशपाल सिंह की तहरीर पर आरोपी हेड कांस्टेबल रवि कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया और तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस ने भ्रष्टाचार के आरोपी हेड कांस्टेबल रवि कुमार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
मारपीट के मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी नहीं होने की एवज में हेड कांस्टेबल रवि कुमार पर 50 हजार रुपये लेने के आरोप लगे थे। मामले की जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। जिसके आधार पर हेड कांस्टेबल रवि कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया है। निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भ्रष्टाचार व ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-कुंवर अनुपम सिंह, एसपी अमरोहा
इन धाराओं में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सूगणपाल, श्रीचंद और तिलकवीर के खिलाफ 6 मार्च 2024 को रहरा थाने में आईपीसी की धारा 223, 504, 506 और 324 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि होमगार्ड देशपाल सिंह की हेड कांस्टेबल रवि कुमार से मुकदमे में धारा 308, 307 व 325 की बढ़ोतरी नहीं होने की बात तय हुई थी। मुकदमे में इन तीनों धाराओं की बढ़ोतरी नहीं होने की बात कहकर हेड कांस्टेबल रवि कुमार ने 50 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। लेकिन, विवेचक ने मेडिकल के आधार पर धारा 308 और 325 की बढ़ोतरी कर दी। जिसके बाद भ्रष्टाचार के पूरे मामले का खुलासा हुआ।