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Amroha News: पुरस्कार की चाहत नहीं, सिर्फ 24 ग्राम पंचायतों ने ही किया आवेदन

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अमरोहा। गांवों में विकास और बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार योजना में ग्राम पंचायतों की बेरुखी सामने आई है। जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से महज 24 ने ही पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। यानी 552 ग्राम पंचायतों ने योजना से दूरी बनाए रखी। खास बात यह है कि प्रदेश स्तर पर चयनित प्रत्येक ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपये की धनराशि पुरस्कार के रूप में दी जानी है। इतनी बड़ी धनराशि मिलने के बावजूद आवेदन करने वाली पंचायतों की संख्या बेहद कम है।
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प्रदेश में पहली बार शुरू की गई मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार योजना के तहत 15 सितंबर से आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई थी। जिले से प्राप्त 24 आवेदनों के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाएंगे। इसके बाद शासन स्तर से तय मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। पूरे प्रदेश में केवल दस ग्राम पंचायतों को इस विशेष पुरस्कार के लिए चुना जाना है।
योजना में घर-घर कचरा एकत्र करने, ग्राम पंचायत की स्वयं की आय बढ़ाने, कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से सार्वजनिक सेवाएं देने, आधार केंद्रों से सेवाएं उपलब्ध कराने, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त गांव और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मेरा तालाब मेरी योजना में बेहतर कार्य, महिला नेतृत्व और सर्वाधिक जैविक कृषि करने वाली ग्राम पंचायतें भी पुरस्कार की श्रेणी में रखी गई हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि जिले से प्राप्त 24 आवेदनों को तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायतों का चयन शासन स्तर से किया जाएगा। चयनित ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपये की धनराशि मिलेगी।





पिछले साल चार पंचायतों को मिला था पुरस्कार

पिछले साल जिले में मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना के तहत जमनाखास, कैलसा, सलेमपुर गोंसाई और बुढ़ेरना ग्राम पंचायतों का चयन हुआ था। इसके बावजूद इस बार नई विशेष पुरस्कार योजना में आवेदन करने वाली पंचायतों की संख्या 24 तक सीमित रहना सवाल खड़े कर रहा है। योजना में आवेदन के जरिए गांव में किए गए बेहतर कार्यों को सामने रखने का अवसर था लेकिन अधिकांश पंचायतों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई।
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