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सुनार से हुई लूट का पर्दाफाश, चार लुटेरे गिरफ्तार

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तेरह दिन पहले सराफा में दिनदहाड़े सुनार को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पत्रकार समेत चार लुटेरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से सोने चांदी के जेवरात समेत 13 लाख रुपये का सामान बरामद हुआ। जबकि फरार दो बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सुनार के करीबी ही लूटपाट के मास्टरमाइंड निकले। पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस फरार दो बदमाशों की गिरफ्तारी के दबिश दे रही है।
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एसपी विनीत जायसवाल ने बुधवार को पुलिस ऑफिस में सुनार से हुई लूटपाट की घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 मई की सुबह करीब सवा नौ बजे दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने मोहन ज्वैलर्स की दूसरी मंजिल पर मोहल्ला कटरा गुलाम अली निवासी सुनार विट्ठल राव को तमंचे के बल पर बंधक बना लूटपाट की थी। बदमाश अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और मोबाइल लूट कर फरार हो गए थे। विरोध करने पर बदमाशों ने सुनार विट्ठल राव के साथ मारपीट की थी। घटना के बाद बदमाशों ने विट्ठल राव के हाथ-पैर बांधने के बाद उनके मुंह में कागज ठूसकर फरार हो गए थे। बदमाश लूटे गए जेवर को बैग में भरकर ले गए थे। घटना की एफआईआर दर्ज करने के बाद खुलासे के लिए सीओ सीटी विजय कुमार राणा के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और नगर कोतवाली पुलिस को लगाया गया था। बुधवार को टीमों ने लूट की घटना का सफल अनावरण करते हुए चार लुटेरों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम आसिफ निवासी शांति नगर गली नंबर 7 थाना सीलमपुर दिल्ली, अजहर निवासी मोहल्ला मजापोता, पत्रकार आशेकीन कुरैशी निवासी मोहल्ला सराय मछरट्टा और आमिर निवासी मोहल्ला चिल्ला थाना अमरोहा नगर बताया। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई 8.50 किलोग्राम चांदी, 116.90 ग्राम सोना, एक लाख 55 हजार 300 रुपये नगद, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड बरामद किया गया। बरामद समान की कीमत करीब 13 लाख रुपये से अधिक है। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
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एसपी के मुताबिक आशेकीन कुरैशी, अजहर और आमिर तीनों इस घटना के मास्टमाइंड है। अजहर सोने-चांदी का काम करता है। जिसके चलते उसका सुनार विट्ठल राव के पास आना-जाना था। उन्होंने बताया कि पूरी घटना में छह बदमाश शामिल हैं, जो गिरोह बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। फरार दो लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
सुनार से लूटपाट करने वाले तीनों बेहद शातिर बदमाश निकले। घटना के तेरह दिन बाद बदमाशों ने पीड़ित सुनार को ही उससे लूटा हुआ 35 ग्राम सोना बेच दिया। जिसकी कीमत 1.35 लाख रुपये वसूल कर आरोपियों ने आपस में बंदरबांट कर लिया। पीड़ित सुनार को इसकी भनक तक नहीं लगी कि जिस सोने को वह खरीद रहा है, वह उसी से लूटा हुआ है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सभी बदमाश गिरोह बनाकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। मास्टरमाइंड अजहर भी अपंजीकृत रूप से सुनार का काम करता है। जिसके चलते उसका पीड़ित विट्ठल राव के पास आना जाना था। अकसर वह छोटे-मोटे सोने चांदी के टुकड़ों को विट्ठल राव को बेचता था। जिसके चलते अजहर विट्ठल राव का बेहद विश्वासपात्र था। दिल्ली के सीलमपुर थानाक्षेत्र के शांति नगर गली नंबर 7 में रहने वाला आसिफ मूल रूप से अमरोहा के मोहल्ला लकड़ा का रहने वाला है। करीब 10 साल साल पहले वह अपने परिजनों के साथ दिल्ली चला गया था। जबकि फरार दो आरोपी सचिन और संजू हस्तिनापुर के रहने वाले हैं।
सचिन बड़े स्तर का लुटेरा है। कुछ दिन पहले आसिफ मेरठ में शटरिंग का काम करने के लिए गया था। जहां उसकी मुलाकात सचिन से हुई थी। जिसके बाद सचिन, आसिफ और संजू की मुलाकात अजहर से हुई। अजहर आसिफ का परिचित है। जबकि अजहर का आमिर और आमिर का आशेकीन कुरैशी दोस्त है। आसिफ से मुलाकात के बाद अजहर, आशेकीन कुरैशी और आमिर ने लूट की घटना की पटकथा लिखी। पिछले करीब छह महीने से सभी सुनार विट्ठल राव के गोदाम की रेकी कर रहे थे। जबकि अजहर ने करीब 15 दिन पहले लूटपाट करने वाले आफिस, सचिन व संजू को विट्ठल राव के गोदाम को दिखा दिया था।
जबकि पत्रकार आशेकीन कुरैशी पर पुलिस की कार्रवाई से बचाने का ठेका था। सभी ने योजनाबद्ध तरीके से 11 मई को घटना को अंजाम दिया और बारह मई को सभी आरोपी अजहर के दिल्ली स्थित फ्लैट पर रुके थे। जहां उन्होंने सचिन और संजू का हिस्सा वहीं दे दिया था। जबकि अन्य समान को लेकर सभी लोग अमरोहा आ गए थे। आशेकीन कुरैशी पुलिस की हरेक गतिविधि आरोपियों तक पहुंचा रहा था। जबकि अजहर लगातार पीड़ित सुनार विट्ठल राव के पास आता जाता रहा। इतना ही नहीं 22 मई को अजहर ने अपने विश्वासपात्र होने का फायदा उठा कर सुनार से लूटा हुआ 35 ग्राम सोना उन्हीं को 1.35 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद लुटे हुए जेवरात को बेचकर मिले रुपए चारों ने आपस में बांट लिए थे।
सराफा में सुनार विट्ठल राव से लूटपाट करने में तीन मास्टमाइंड और तीन लूट की घटना को अंजाम देने वाले थे। पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि फरार सचिन और संजू की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि घटना का खुलासा करने में एसओ प्रभारी इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्दार्थ, नगर कोतवाल सुशील कुमार वर्मा, सर्विलांस प्रभारी संजय कुमार, एसएसआई जितेंद्र बालियान, एसआई संदीप चौधरी, बृजेश कुमार, सत्यानंद, हेड कांस्टेबल गौरव शर्मा सर्विलांस सेल, कांस्टेबल योगेश तोमर सर्विलांस सेल, आलोक शर्मा, हंसराज, अंकुर कुमार, विजय शर्मा, लवी चौधरी, अरविंद शर्मा, कमल कुमार, सुभाष यादव, राकेश कुमार, आशीष शामिल रहे। उनकी तरफ से टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 8 किलो 500 ग्राम चांदी, 116.900 ग्राम सोना, 1 लाख 55 हजार 300 रुपयें नगद, मोबाइल फोन, आधार कार्ड व पैन कार्ड, 1 तमंचा और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
बुधवार को व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान की बैठक संस्थान के जिलाध्यक्ष खत्री मनोज टंडन के प्रतिष्ठान पर आयोजित हुई। जिसमें सुनार के साथ हुई लूट का पर्दाफाश करने पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल का आभार व्यक्त किया। खत्री मनोज टंडन ने कहा कि जिस तरह की कार्यप्रणाली अमरोहा पुलिस अधीक्षक की देखने को मिल रही है, उससे अपराधियों के हौसले पस्त है, अपराधी या तो अपराध छोड़ रहे हैं या फिर जिला छोड़ने पर बाध्य है। सुनार से लूट के खुलासे के लिए व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान एसपी और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त करती है। यह भी मांग की गई कि पत्रकारिता की आड़ लेकर अवैध वसूली या गलत कामों को अंजाम देने वाले तथा कथित पत्रकारों पर लगाम कसी जाए। ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता बनी रहे। इस दौरान समीर खान, शहजाद खान, रमेश कलाल, शशी प्रकाश, नदीम, कमर नकवी, राकेश वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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