गजरौला। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास ने माता-पिता की सेवा पर जोर दिया। कहा कि माता-पिता की सेवा से ईश्वर प्रसन्न होते हैं। भगवान का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए सुबह उठ कर माता-पिता के चरण स्पर्श करने चाहिए।
बुध बाजार मोहल्ले में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार की शाम कथा व्यास सत्यकाम कृष्णगौर महाराज ने श्रीमद्भागवत सुनाते हुए कहा कि सभी ग्रंथों में माता-पिता की सेवा सर्वोपरि बताई गइ है। सुबह उठकर माता-पिता के चरण स्पर्श कर प्रणाम करना चाहिए। गुुरुजनों का अभिनंदन करना चाहिए। माता-पिता की सेवा से बड़ा और कोई धर्म नहीं है। जो अपने माता-पिता की सेवा करते हैं, उनको किसी तीर्थ पर जाने की जरूरत नहीं है। माता-पिता की सेवा से ही ईश्वर प्रसन्न हो जाते हैं। पूनम, शालू, सरिता ,गार्गी ,पूजा, सोनू ,राधा ,सविता, उर्मिला, लक्ष्मी, कविता, पिंकी, मिथिलेश ने श्रीमद्भागवत कथा में धर्मलाभ कमाया।