अमरोहा। जेएस हिंदू (पीजी) कॉलेज में गीता ज्ञान गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता युवाओं को बेहतर जीवन प्रबंधन, आत्मानुशासन, कर्तव्यनिष्ठा पूर्वक लक्ष्योन्मुखी कर्म, भय-चिंता व अवसादमुक्त जीवन की सीख देती है।
उन्होंने कहा कि गीता का सार्वभौम ज्ञान किसी मत-पंथ, क्षेत्र, वर्ण आदि के बंधनों में नहीं बांधा जा सकता, अपितु यह संपूर्ण संसार के पथ प्रदर्शन के लिए अमूल्य निधि है। देश की युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद जैसा बनाने वाला यह ग्रंथ दुर्योधन जैसी वृत्तियों से प्रथक होने का उपदेश देता है।
गुरुकुल चोटीपुरा की प्राचार्या डाॅ. सुमेधा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गीता का विशेष स्थान है। युवा पीढ़ी को उससे कर्म-योग की सीख लेनी चाहिए। जीवन में प्रत्येक परिस्थिति में मार्गदर्शन करने वाले ग्रंथरत्नों में से गीता भी महत्वपूर्ण है। प्रबंध समिति के मंत्री योगेश कुमार जैन ने स्वामी ज्ञानानंद महाराज को स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। प्राचार्य प्रोफेसर वीर वीरेंद्र सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालक डाॅ.अरविंद कुमार ने गीता विषयक काव्यपाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। इस दौरान प्रो. अनिल रायपुरिया, प्रो. बीना रुस्तगी, प्रो. मनन कौशल, डाॅ. निखिल कुमार दास, डाॅ. नवनीत विश्नोई, डाॅ. पीयूष कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।