गजरौला। बिजनौर बैराज से 1.58 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण तिगरी में गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ गया। सोमवार को तिगरी में गंगा का पानी 200.75 मीटर पहुंच गया, जो पिछले दिनों से 200.70 मीटर पर स्थिर था।
हालांकि, खतरे के निशान 202 मीटर से गंगा 1.25 मीटर दूर है लेकिन लोगों की दुश्वारियां और खतरा बरकरार है। बाढ़ का पानी आने जाने में बाधा बना है। पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है।
बीते कई दिन से तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर पर ठहरा हुआ था। सोमवार को बिजनौर बैराज से 1,58,634 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 200.75 मीटर दर्ज किया गया। इससे खादर और टापू में बसे दारानगर, टीकों वाली, शीशों वाली, भुड्डी वाली गांव के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। दिन निकलने से शाम तक पानी में ही काम करते गुजर जाता है। चार से पांच किमी पानी से गुजर कर सूखे में पहुंचते हैं।
उधर, सबसे बड़ी दिक्कत चारे की खड़ी हो गई है। टापू में बसे गांव के ग्रामीण चकनवाला, मुरादपुर, अलीनगर, नौनेर, बहलोलपुर आदि गांवों से चारा ले जाकर पशुओं का पेट भर रहे हैं। बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण जल स्तर में पांच सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है।