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गंगा एक्सप्रेसवे : अब तक 11 किसानों ने दिए सहमति पत्र, नवरात्र में होंगे बैनामे

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अमरोहा। गंगा एक्सप्रेसवे के अमरोहा-हरिद्वार विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। अब तक 11 किसान सहमतिपत्र दे चुके हैं। प्रशासन की तैयारी के अनुसार नवरात्र में जमीनों के बैनामे शुरू होंगे। किसानों से स्वामित्व और गाटों से जुड़ी आपत्तियां भी ली जा रही हैं।
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हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील के 52 गांवों के 975 किसानों की जमीन अधिगृहीत होनी है। इनमें हसनपुर के 17 और मंडी धनौरा के 35 गांव हैं। संबंधित गाटों का मिलान कर सूची सार्वजनिक की जा चुकी है। स्वामित्व संबंधी आपत्तियों के निस्तारण के बाद बैनामे शुरू होंगे।
जिले में नए सर्किल रेट 11 सितंबर से लागू हैं। जमीनों की दर तय करने के लिए शासन स्तर से कमेटी गठित होगी और उसी के आधार पर बैनामे किए जाएंगे। अक्तूबर में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की जमीन सुरक्षित रखने के लिए संबंधित गांवों में खरीद-फरोख्त पर रोक की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
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अमरोहा में एक्सप्रेसवे करीब 47 किलोमीटर लंबा होगा। इससे हरिद्वार, मेरठ, दिल्ली और प्रयागराज से कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


जिले की महत्वपूर्ण परियोजना
अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। जिले की दो तहसीलों के 52 गांवों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे का सर्वे पूरा हो गया है। अब भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। जुलाई में अमरोहा आए मुख्यमंत्री भी परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दे चुके हैं। करीब 116.85 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का लगभग 47 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा से होकर गुजरेगा। यह प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे के मंगरौला टी-प्वाइंट से जुड़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। परियोजना पूरी होने पर अमरोहा से हरिद्वार की दूरी और यात्रा समय कम होने के साथ औद्योगिक विकास, निवेश, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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एक्सप्रेसवे के दोनों ओर उद्योग होंगे स्थापित
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर उद्योग, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक हब और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन सभी अभिलेखों का सत्यापन कर रहा है।
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52 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
परियोजना के दायरे में अमरोहा जिले की हसनपुर और धनौरा तहसील के 52 गांव शामिल किए गए हैं। जिसमें हसनपुर तहसील के 17 और धनौरा के 35 गांव हैं। हसनपुर क्षेत्र के मंगरौला, पाइंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द, रूखालू, सिकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, करनखाल, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, सिमला, बसेड़ा खुर्द, अब्दीपुर, कटाई और पूठी सहित कई गांव इस परियोजना की जद में आएंगे। वहीं धनौरा क्षेत्र के अटारी, मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना, वस्तौरा माफी, जलालपुर, मोहम्मदी, कौराला, रिछोटी, पारा खालसा और वलीपुर समेत अन्य गांव भी एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए किसान अपनी ओर से सहमति पत्र देने लगे हैं। नवरात्र में बैनामे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद जल्द ही कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य शुरु करेगी। इसके निर्माण से अमरोहा के लोगों को काफी फायदा मिलेगा।
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-डॉ. नितिन गौड़, डीएम
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