भटकते रहे परिजन, नहीं मिला कहीं सटीक उपचार
ब्लैक फंगस की चपेट में आईं गांव बावनपुरामाफी निवासी ठेकेदार रणवीर सिंह की पत्नी जागेश देवी (52) को उपचार दिलाने के लिए परिजन शहर दर शहर भटकते रहे। उनका कहना है कि कहीं सटीक इलाज नहीं मिला। आरोप है कि डॉक्टरों का रवैया भी अच्छा नहीं मिला।
गजरौला की एमडीए कालोनी में रहने वाले शिक्षक विपिन पांघाल ने बताया कि करीब सप्ताह पहले भाभी जागेश देवी की दाढ़ और आंख के दर्द को सामान्य तरीके से लिया। बुखार से चक्कर आने पर नजदीकी गांव के बीएएमएस चिकित्सक तक ले गए तो उन्होंने मुरादाबाद ले जाने की सलाह दी। मुरादाबाद जिला अस्पताल में कोरोना की पुष्टि के साथ ब्लैक फंगस का अंदेशा जताया गया लेकिन उपचार में रुचि नहीं ली गई। इस बीच आगरा मेडिकल कॉलेज में कर्मचारी भतीजी के कहने पर भाभी को आगरा ले जाया गया।
विपिन पांघाल का कहना है कि वहां जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि की लेकिन संतोषजनक उपचार वहां भी नहीं मिला। एक ऐसा इंजेक्शन लाने के लिए कहा जो आगरा ही नहीं आसपास के जिलों में नहीं मिला। किसी परिचित के कहने पर गुरुग्राम (हरियाणा) गए, वहां उसी सॉल्ट पर आधारित दूसरा इंजेक्शन मिला।
उनका मानना है कि उस इंजेक्शन के लगने से स्थिति तो नहीं सुधरी उल्टा महसूस हुआ कि इंजेक्शन ने रिएक्शन किया है। हार कर उन्हें पहले अमरोहा जिला अस्पताल और फिर मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल ले गए। वहां गंभीर हालत में भर्ती हैं। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं।