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अमरोहा : ब्लैक फंगस की चपेट में गजरौला की महिला, गई आंखों की रोशनी, दाढ़ और आंखों में दर्द से हुई थी शुरुआत 

Tue, 18 May 2021 02:30 PM IST
सुशील कुमार कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, गजरौला (अमरोहा)

सार

गजरौला की एमडीए कालोनी में रहने वाले शिक्षक विपिन पांघाल ने बताया कि गांव बावनपुरा निवासी उनके भाई रणवीर सिंह ठेकेदार हैं। लगभग एक सप्ताह पूर्व उनकी भाभी जागेश देवी (52) की दाढ़ में दर्द उठा था।
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अमरोहा : ब्लैक फंगस की चपेट में गजरौला की महिला, गई आंखों की रोशनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमरोहा के गजरौला ब्लॉक के गांव बावनपुरामाफी की एक महिला ब्लैक फंगस की चपेट में आ गई है। परिजनों का कहना है कि संक्रमण तेजी से फैलने से उनकी आंखों की रोशनी चली गई है। गंभीर हालत में उन्हें मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमरोहा जिले में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

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गजरौला की एमडीए कालोनी में रहने वाले शिक्षक विपिन पांघाल ने बताया कि गांव बावनपुरा निवासी उनके भाई रणवीर सिंह ठेकेदार हैं। लगभग एक सप्ताह पूर्व उनकी भाभी जागेश देवी (52) की दाढ़ में दर्द उठा था। इसके बाद उनकी एक आंख में भी तकलीफ हुई। डॉक्टर तक पहुंचने से पहले एक-दो दिन गुजरे तो वह बुखार की चपेट में भी आ गईं। 

बुखार से चक्कर खाकर गिरीं तो उन्हें नजदीकी गांव चांदनगर में एक बीएएमएस चिकित्सक के पास ले गए। उन्होंने बुखार और शुगर ज्यादा बताकर हायर सेंटर जाने के लिए कहा। फिर उन्हें मुरादाबाद जिला अस्पताल ले गए, जहां उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई और ब्लैक फंगस के लक्षण बताए गए। 
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इस जानकारी पर आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कर्मचारी बेटी ने मां को आगरा बुलवा लिया। आगरा मेडिकल कॉलेज की जांच में एक आंख की रोशनी चली जाने और संक्रमण मस्तिष्क व दूसरी आंख तक फैलने की जानकारी दी गई। आगरा के इलाज से सुधार न होने और डॉक्टरों का रवैया गंभीर न लगने पर परिजन उन्हें रविवार की रात को लगभग डेढ़ बजे जिला अस्पताल अमरोहा ले आए।

अमरोहा जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि आगरा मेडिकल कॉलेज से लाई गई महिला बेहद गंभीर हालत में थी तो मुरादाबाद रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस बीच दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है।

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भटकते रहे परिजन, नहीं मिला कहीं सटीक उपचार
ब्लैक फंगस की चपेट में आईं  गांव बावनपुरामाफी निवासी ठेकेदार रणवीर सिंह की पत्नी जागेश देवी (52) को उपचार दिलाने के लिए परिजन शहर दर शहर भटकते रहे। उनका कहना है कि कहीं सटीक इलाज नहीं मिला। आरोप है कि डॉक्टरों का रवैया भी अच्छा नहीं मिला।

गजरौला की एमडीए कालोनी में रहने वाले शिक्षक विपिन पांघाल ने बताया कि करीब सप्ताह पहले भाभी जागेश देवी की दाढ़ और आंख के दर्द को सामान्य तरीके से लिया। बुखार से चक्कर आने पर नजदीकी गांव के बीएएमएस चिकित्सक तक ले गए तो उन्होंने मुरादाबाद ले जाने की सलाह दी। मुरादाबाद जिला अस्पताल में कोरोना की पुष्टि के साथ ब्लैक फंगस का अंदेशा जताया गया लेकिन उपचार में रुचि नहीं ली गई। इस बीच आगरा मेडिकल कॉलेज में कर्मचारी भतीजी के कहने पर भाभी को आगरा ले जाया गया।

विपिन पांघाल का कहना है कि वहां जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि की लेकिन संतोषजनक उपचार वहां भी नहीं मिला। एक ऐसा इंजेक्शन लाने के लिए कहा जो आगरा ही नहीं आसपास के जिलों में नहीं मिला। किसी परिचित के कहने पर गुरुग्राम (हरियाणा) गए, वहां उसी सॉल्ट पर आधारित दूसरा इंजेक्शन मिला।

उनका मानना है कि उस इंजेक्शन के लगने से स्थिति तो नहीं सुधरी उल्टा महसूस हुआ कि इंजेक्शन ने रिएक्शन किया है। हार कर उन्हें पहले अमरोहा जिला अस्पताल और फिर मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल ले गए। वहां गंभीर हालत में भर्ती हैं। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं।
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