गजरौला। नगर को कचरा मुक्त रखने में गजरौला नगर पालिका ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में परचम लहराया है। गीले और सूखे कचरे को निस्तारित करने, उससे वर्मी कंपोस्ट, केंचुए की खाद बनाने के साथ ही इंटरलॉक सड़क बनाकर इस्तेमाल करने व नगर को कचरा मुक्त रखने में गजरौला पालिका को पूरे प्रदेश में प्रथम स्टार की रैंक मिली है। पालिका थ्री स्टार में शामिल होने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
ईओ विजेंद्र सिंह पाल का कहना है कि इसके लिए पालिका के अधिकारी और कर्मचारियों का खास योगदान रहा। जहां कर्मियों ने घरों से निस्तारित सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग करने, द्वार-द्वार जाकर कूड़े कचरे को उठाने में कोताही नहीं बरती, वहीं अधिकारियों ने समय-समय पर सही दिशा निर्देश दिए। कहीं पर डस्टबिन रखने की जरूरत नहीं पड़ी। कूड़े का निस्तारण किया। गीले और सूखे कूड़े कचरे को अलग-अलग कर वर्मी कंपोस्ट व केंचुए की खाद बनाने के साथ ही इंटरलॉक सड़क बनाने में इस्तेमाल किया। मिट्टी व रेत भराव डालने में काम आया। सोलिड वेस्ट यथा लोहा, प्लास्टिक, कांच, बोतल आदि को बेच कर अच्छी खासी आय प्राप्त की। वहीं औद्योगिक इकाइयों से हर महीने लाखों रुपये चार्ज के रूप में वसूल किए। जिससे पालिका को नगर को कचरा मुक्त रखने में खासी मदद मिली। इसी वजह से केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय ने गजरौला नगर पालिका को प्रथम स्टार की रैंक दी। यह प्रदेश में अकेली नगर पालिका है। ईओ का कहना है कि नगर को थ्री स्टार की रैंक में शामिल कराना उनका उद्देश्य है। इसके लिए वह और उनका स्टाफ लगातार प्रयत्नशील हैं। जो भी अच्छा होगा, वह कर रहे हैं।