डिडौली (अमरोहा)। गांव सलारपुर माफी में जमीन में हिस्से की जिद पर अड़े एक शख्स ने बुजुर्ग पिता का दफन रुकवा दिया। जिस वक्त कब्र खोदी जा रही थी, वह तमतमाए तेवरों के साथ आ गया और कब्र की खोदाई रुकवाकर दफन में लगे छोटे भाई से जमीन के बंटवारे की जिद करने लगा। धमकाने वाली शैली में कहा-पहले जमीन का बंटवारा करके मुझे हिस्सा दो तभी अब्बू की कब्र खोदने दूंगा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मोअज्जिज लोगों को शामिल करते हुए पंचायत कराई। इसके बाद दोनों भाइयों और उनकी मां के बीच साढ़े छह बीघा जमीन का बंटवारा किया गया। इससे चार घंटे बाद बुजुर्ग के दफन की प्रक्रिया पूरी हो सकी। हिस्से में आई महज 2.17 बीघा जमीन के लिए पिता का दफन रोकने के मामले पर पुलिस ने भी हैरानी जताई है।
पुलिस ने बताया कि गांव सलारपुर माफी निवासी शफीक अहमद काफी समय से बीमार थे। परिवार में पत्नी जाफरी, बड़ा बेटा आसिफ, छोटा बेटा राशिद और दो बेटियां हैं। बीमारी के दौरान छोटे बेटे राशिद ने अपने अब्बू की पूरी देखभाल की। इससे प्रभावित होकर शफीक अहमद ने करीब दो महीने पहले अपनी साढ़े छह बीघा कृषि भूमि में से चार बीघा जमीन छोटे बेटे राशिद के नाम वसीयत कर दी थी। इससे नाखुश बड़े बेटे आसिफ ने सगे भाई राशिद से विवाद शुरू कर दिया था। 22 अप्रैल को इलाज के लिए शफीक अहमद को ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार तड़के उनकी सांसें थम गईं।
पुलिस के मुताबिक इसके बाद शनिवार को ही उनका शव गांव लाकर छोटा बेटा राशिद दफन की तैयारी कर रहा था, तभी पहुंचे आसिफ ने जमीन में हिस्सा मांगते हुए कब्र की खोदाई रुकवा दी। उसकी इस हरकत से रिश्तेदार ही नहीं, ग्रामीण भी सकते में आ गए। उनकी सूचना पर डिडौली थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र बालियान फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान हरिसिंह, ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की पंचायत कराई। करीब चार घंटे चली पंचायत के बाद मृतक की पत्नी और दोनों बेटों के बीच साढ़े छह बीघा जमीन बराबर-बराबर बांटने पर सहमति बनी। इसके बाद कब्र खोदाई से लेकर दफन की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
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जमीन को लेकर भाइयों में विवाद था। बड़े बेटे ने पिता का दफन रुकवा दिया था। गांव के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में समझौता करा दिया गया, जिसके बाद कब्र की खोदाई और दफन की प्रक्रिया पूरी हुई। - अभिषेक यादव, सीओ सिटी, अमरोहा