गजरौला (अमरोहा)। गांव कुमराला बहादुरपुर में जल जीवन मिशन का ब्योरा दर्शा रहे सरकारी बोर्ड की घोषणाएं जमीनी हकीकत से अलग हैं। बोर्ड पर नौ अप्रैल 2025 को मिशन का काम पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर ओवरहेड टैंक ही नहीं है। ओवरहेड टैंक के नाम पर सिर्फ फाउंडेशन तैयार हुई है और पिलर बनाने के लिए सिर्फ सरिये लगे हैं। हालांकि ग्राम प्रधान का कहना है कि मोटर लग चुका है और उससे करीब आधे गांव को सीधे पानी की सप्लाई दी जा रही है।
मौके पर लगाए गए सरकारी बोर्ड पर गांव कुमराला बहादुरपुर में जल जीवन मिशन के कामों की लागत 2.12 करोड़ बताई गई है। 10 अक्तूबर 2023 को काम शुरू करके नौ अप्रैल 2025 को काम पूरा दिखा दिया है। दूसरी ओर तमाम ग्रामीण अपने घरों में टोंटियां न लगने की बात कह रहे हैं। ग्राम प्रधान कन्हैया लाल ने भी स्वीकार किया कि ओवरहेड टैंक का काम पूरा ही नहीं हुआ है। हालांकि उनका कहना है कि इस बीच सबमर्सिबल आदि का काम हो जाने से आधे गांव को मोटर चलाकर पानी की सीधी सप्लाई दी जा रही है। उनका कहना है कि ओवरहेड टैंक का काम जल्द पूरा कराने के लिए अफसरों से बातचीत की जाएगी।
हाईटेंशन लाइन के नीचे टैंक निर्माण पर भी सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर ओवरहेड टैंक बनाया जा रहा है, उसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इससे यहां हादसे की आशंका बनी रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से टैंक निर्माण सही जगह पर कराया जाना चाहिए।
ग्रामीण बोले...
जल जीवन मिशन के माध्यम से कई घरों तक शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। लोग निजी संसाधनों से साफ पानी का इंतजाम करते हैं। हैंडपंप के पानी से भी काम चलाना पड़ता है। -रामपाल सिंह
गांव में कुछ ही घरों में ही टंकी-टोंटी लगी हैं। ओवरहैड टैंक का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है। सिर्फ फाउंडेशन बनाकर छोड़ दी है।
- मनोज कुमार
करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जल जीवन मिशन से घर-घर पानी पहुंचने की बात अभी पूरी नहीं हुई। गांव के लोग निजी सबमर्सिबल या हैंडपंप से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। -चौधरी ऋषिपाल सिंह मांगट
गांव के लोग अपने माध्यमों से पानी की जरूरत पूरी करते हैं। जल जीवन मिशन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। तमाम घरों में योजना से पानी नहीं मिल रहा है। - शशि चड्ढा