अमरोहा में दिवाली के मौके झालरों से जगमग घर।
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अमरोहा। दीपावली पर जिलेभर में डेढ़ करोड़ की आतिशबाजी हुई। पटाखों से निकले धुएं से फिजा में जहर घुल गया। प्रतिबंध के बाद भी तेज आवाज के पटाखों की खूब बिक्री हुई और छोड़े गए। अमरोहा की फिजा में कितना जहर घुला बिजनौर में स्थित प्रदूषण नियंत्रण विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। जबकि गजरौला में इंदिरा चौक के आस-पास का एक्यूआई 422 पहुंच गया। जबकि औद्योगिक क्षेत्र में 326 रहा है।
दिवाली की रात जिलेभर में लोगों ने डेढ़ करोड़ रुपये के पटाखे फोड़कर बेशक कुछ ही देर के लिए आनंद लिया। लेकिन इस आनंद के पीछे आसमान की खुली फिजा में प्रदूषण का जहर घुल गया और वातावरण प्रदूषित हो गया। इसके अलावा वायु प्रदूषण के अलावा तेज आवाज वाले पटाखों ने ध्वनि प्रदूषण ने भी जमकर कहर बरपाया। पटाखों के प्रदूषण की वजह से आसमान में चारों तरफ धुएं की चादर बन गई, लोग एक दूसरे से परेशान होकर पूछते है कि यार आसमान में यह बादल है या धुआं है। ऐसे में सांस और दिल के मरीजों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ा।। वहीं लोग अपने मुंह पर रुमाल बांधकर अपने काम काज करने को मजबूर हैं। प्रशासन के दिशा-निर्देशों लोगों पर बेअसर दिखे।
वहीं, प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय बिजनौर के सहायक अभियंता अनिल शर्मा ने बताया कि प्रदूषण का मॉनीटरिंग स्टेशन गजरौला में स्थित है। दिवाली की शाम के बाद उसका मापन किया। जिसमें गजरौला के इंदिरा चौक के आस-पास की एक्यूआई 422 रही है, जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र में 326 है। यह बढ़ोतरी दिवाली पर पटाखे फोड़ने की वजह से हुई है। प्रदूूषण की मात्रा बढ़ी है। दिवाली से पहले एक्यूआई 115 से 135 के बीच में रहा है।