अमरोहा। जीआर सॉल्वेंट एंड एलाइड इंडस्ट्रीज में पशु आहार बनाने के लिए टेक्निकल ग्रेड यूरिया की जगह सब्सिडी दाम पर किसानों को दिए जाने वाले यूरिया का इस्तेमाल करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जबकि, कृषि विभाग अपनी जांच कर रहा है। मामले में फैक्टरी के प्रबंधक के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
शासन के निर्देश पर सोमवार को डिप्टी कलक्टर अनिल कुमार, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी विजय कुमार राणा की टीम ने कैलसा स्थित जीआर सॉल्वेंट एंड एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड में छापा डाला था। फैक्टरी में ग्वाला पशु आहार ब्रांड का पशु आहार तैयार किया जाता है। जांच में अधिकारियों ने फैक्टरी के गोदाम से अनुदानित यूरिया के 88 कट्टे बरामद हुए। अधिकारियों को दावा था कि फैक्टरी में अनुदानित यूरिया का अवैध रूप से पशु आहार बनाने में उपयोग किया जा रहा था। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर जीआर सॉल्वेंट एंड एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंधक के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। वहीं, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधक ने बड़ी मात्रा में अनुदानित यूरिया कहां से खरीदा इसकी जांच की जा रही है।