हसनपुर। गांव लुहारी खादर निवासी किसान इंदर सिंह (45) की हत्या में पुलिस ने गांव के ही दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने रंजिश के चलते किसान की गला दबाकर हत्या कर शव रस्सी के सहारे पेड़ पर लटका दिया था। मामले में एक आरोपी के किसान के परिवार की महिला से संबंध होने की बात भी सामने आई है, जिसका किसान विरोध करते था।
परिजनों के मुताबिक इंदर सिंह दो नवंबर की रात खेत पर बने मचान पर सोने गए थे जहां से वह गायब हो गए थे। चार नवंबर की सुबह खेत से करीब 100 मीटर की दूरी पर वन विभाग के जंगल में उनका शव पेड़ से लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। तहरीर के आधार पर गांव लुहारी खादर निवासी पवन, सतपाल, अल्लीपुर मिलक निवासी रतन सिंह, सतेड़ा निवासी मनवीर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
शुक्रवार को एसपी अमित कुमार आनंद ने घटना का खुलाया किया। उन्होंने बताया कि मामले में नामजद पवन व उसके भाई कमल को गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि इंदर की भतीजी नीतू व पवन की बहन सीमा एक ही स्कूल में साथ पढ़ती थीं। पवन सीमा को नीतू के घर जाने से रोकता था। जून 2020 पवन के भाई कमल ने सीमा को नीतू के घर देखा तो उसे थप्पड़ मार दिया। इस बीच नीतू ने भी कम को थप्पड़ मार दिया जिससे दोनों परिवार में विवाद हो गया था। उधर, घटना के बाद सीमा ने आत्महत्या कर ली थी। पवन के परिजन बिना कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे तो इंदर ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी, जिस पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई भी की थी।
इस घटना के बाद पवन परिवार के साथ हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के गांव गढ़ावली में जाकर रहने लगे थे और करीब तीन साल तक किराये पर वहीं रहे। उधर, बेटी की मौत व पुलिस की कार्रवाई से तनाव में आए पवन व कमल के पिता की भी मौत हो गई थी। वह गांव के सरपंच भी रहे थे जिसके बाद दोनों भाइयों की इंदर से रंजिश बढ़ गई थी। वहीं, पवन का परिवार लुहारी खादर में सड़क किनारे एक छोटा मकान बनाकर रहने लगा व पवन भट्टे पर काम करने लगा था। वहीं, घटना के बाद से ही दोनों भाई किसान इंदर से रंजिश रखने लगे थे। दोनों भाइयों ने किसान की हत्या की योजना बनाई और जब दो नवंबर की रात को 10.30 बजे इंदर खेत पर मचान पर सो रहा था तो मचान पर चढ़कर पवन व कमल ने गला घोटकर किसान की हत्या कर दी। साथ ही आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया।
खुलासा करने वाली टीम को दिया 15 हजार का इनाम
एसपी अमित कुमार आनंद ने घटना का खुलासा करने वाली हसनपुर पुलिस टीम व एसओजी/सर्विलांस टीम को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।
कई दिन तक पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी
किसान का हत्यारोपी पवन कई दिन तक पुलिस गुमराह करता रहा। उसने शुरू में घटना की रात अपनी लोकेशन गांव से बाहर होना बताई थी। पुलिस ने शुरू में ही पवन को हिरासत में ले लिया था लेकिन पूछताछ में पवन ने अधिक चालाकी दिखाई और पुलिस सामने फटाफट जबाव दिए। इसलिए पुलिस ने उसे छोड़ दिया था, फिर पुलिस को उस पर शक हुआ और हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह खुल गया।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
-प्रभारी निरीक्षक हसनपुर प्रेमपाल सिंह, एसएसआई अमित कुमार, सिपाही अतुल कुमार, सिपाही गौरव कुमार, एसओजी/सर्विलांस टीम प्रभारी सर्विलांस सेल बिजेंद्र मलिक, एसओजी प्रभारी कुलदीप तोमर व उनकी टीम रही।
-
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक इंदर से बाद में भी कई बार विवाद हुआ। इंदर आरोपी पवन के प्रति शत्रुता का भाव रखता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी पवन के मृतक इंदर की इंदर के परिवार की महिला से संबंध बन गए थे। महिला की शादी होने पर भी पवन की उससे बातचीत होने पर इंदर परेशान रहता था। एसपी ने बताया कि मृतक इंदर सिंह की हत्या से कुछ दिन पूर्व इंदर ने करनखाल स्थित एक होटल की छत पर शराब पीते समय पवन को उसके परिवार की महिला का पीछा नहीं छोड़ने के कारण खत्म कर देने की बात कहते हुए पवन ने सुन लिया था। इसके बाद पवन ने इंदर की हत्या की योजना बनाई।