हसनपुर (अमरोहा)। मंगरौला गांव से गुजरने वाले निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य सर्किल रेट को लेकर किसानों के विरोध के चलते धीमा पड़ गया है। मंगरौला गांव के अधिकांश किसान सर्किल रेट बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह अपनी जमीन के अधिग्रहण के लिए सहमति नहीं दे रहे हैं। यह गतिरोध औद्योगिक गलियारे के निर्माण को प्रभावित कर रहा है।
औद्योगिक गलियारे के लिए गांव मंगरौला, रूस्तमपुर और दौलतपुर गांव की कुल 2200 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। साल 2023 में भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ था। अब तक मात्र 64 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है। भूमि अधिग्रहण की यह प्रक्रिया पिछले तीन वर्षों से चल रही है, लेकिन मंगरौला गांव में किसानों की असहमति के कारण इसमें तेजी नहीं आ पा रही है।
किसानों का कहना है कि वर्तमान सर्किल रेट बाजार मूल्य से काफी कम है और उन्हें अपनी भूमि के बदले उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। वह अपनी भूमि के भविष्य के मूल्य और औद्योगिक विकास से होने वाले लाभों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझता है, तो इससे औद्योगिक गलियारे के विकास में और देरी हो सकती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करना है। औद्योगिक गलियारा क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है, और लेकिन इसके समय से पूरा होने में लगातार देरी हो रही है।
किसानों को बातचीत कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। औद्योगिक गलियारे के लिए जब नोटिफिकेशन जारी किया गया था, उस समय जो सर्किल रेट थे, वही सर्किल रेट तय किए गए हैं। - पुष्कर नाथ चौधरी, एसडीएम हसनपुर