कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के पदाधिकारी गुरुदीन प्रजापति के नेतृत्व में बिजली कर्मियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बिजली कर्मियों ने कहा कि सरकार की ओर से बिजली विभाग को निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को नुकसान झेलना होगा और बेरोजगारी जैसी स्थिति बनकर उभरेगी।
बिजली कर्मचारियों ने कहा कि ऊर्जा निगम अच्छे ढंग से कार्य कर रहा है, सभी कर्मचारी ईमानदारी तरीके से कार्य कर रहे हैं, सरकार की योजनाओं का पूरी तरह से धरातल पर उतारा जा रहा है। इसके बावजूद भी निजीकरण किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने कहा कि 24 मार्च को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर होने वाली विरोधसभा में अधिक से अधिक कर्मचारी पहुंचे और विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। इस मौके पर राजकुमार मिश्रा, सुरेश वर्मा, नरेश, अमित, कमल, पंकज, नरेंद्र, कपिल, संजय, बालवीर, अमित, महेश आदि मौजूद रहे।