अमरोहा देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की 15 वर्षीय बेटी को रजबपुर क्षेत्र के लंबिया गांव का रहने वाला अमन अपहरण कर ले गया था। किशोरी के अपहरण में अमन के मौसेरे भाई नितिन और गांव के ही लवकुश ने सहयोग किया था। किशोरी घर से 80 हजार रुपये की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण भी ले गई थी। मामले में किशोरी के पिता ने अमन, लवकुश व नितिन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। कुछ दिन बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने किशोरी के बयानों के आधार पर आरोपी अमन के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की थी। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद तीनों जमानत पर जेल से बाहर आ गए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय अरविंद कुमार शुक्ला की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोग अभियोजक नवीन कुमार त्यागी पैरवी कर रहे थे।
इस बीच आरोपी लवकुश की हादसे में मौत हो गई। कोर्ट ने 19 मार्च को सुनवाई करते हुए साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी अमन और नितिन को दोषी करार दिया। साथ ही सजा के प्रश्न पर आखिरी सुनवाई शुक्रवार को की। कोर्ट ने अमन को 20 साल की सजा और 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि, नितिन को चार साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।