अमरोहा। सामुदायिक शौचालयों की स्थलीय जांच में उप निदेशक को खामियां मिलीं। टीम ने छह सामुदायिक शौचालयों की जांच की। कमियां मिलने पर पंचायत सचिव को जमकर फटकारा। नियमित तौर पर शौचालय खोलने के निर्देश दिए। शाम को डीपीआरओ कार्यालय में एडीओ पंचायतों के साथ बैठक हुई। बैठक में शौचालयों के हाल में सुधार के लिए निर्देश दिए। उप निदेशक मुख्यालय 31 जुलाई को भी जिले के शौचालयों की स्थलीय पड़ताल करेंगे। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
जिले के 410 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं प्रत्येक शौचालय पर तीन लाख रुपये की लागत आई है इसके अलावा सफाई कर्मचारी को छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। जबकि रख रखाव समेत अन्य कामों के लिए ग्राम पंचायत को तीन हजार रुपये मासिक भुगतान करना है। कुछ दिन पहले जिले के 112 सामुदायिक शौचालयों की निजी एजेंसी से जांच कराई गई, जो मानकों में फेल मिले। इसके बाद अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मुख्यालय से उप निदेशक योगेंद्र कटियार को स्थलीय सत्यापन के लिए भेजा।
वह शुक्रवार को दोपहर लगभग 12 बजे जिले में आ गए। उन्होंने कपासी, खरखौदा आजम और फतेहपुर अब्बू गांव के शौचालय का निरीक्षण किया। यहां पर पानी की पाइप की फिटिंग नहीं हुई थी। उन्होंने पंचायत सचिव से सवाल किया। इसके बाद वह डिडौली खैया माफी और पंडकी में निरीक्षण किए। यहां भी टोटी नहीं लगी हुई थी। इसके बाद वह शाम को एडीओ पंचायतों को कार्यालय में तलब किया। जिले के सभी एडीओ पंचायतों को सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।