अमरोहा। पड़ोसी की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की लखनऊ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बरेली के जेल में बंदी कैदी गुर्दा संबंधी बीमारी से पीड़िता था। परिजनों ने शव लाकर गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया है।
यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला किशनगढ़ का है। यहां रहने वाले प्यारेलाल सैनी के खिलाफ वर्ष 2007 में पड़ोसी की हत्या करने का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि प्यारेलाल ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर शव घर में ही स्थित आटा चक्की के पास गड्ढा खोद कर दबा दिया था। तत्कालीन एसपी बीना भुकेश ने मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर शव को बरामद करके घटना का पर्दाफाश किया था। इस मामले में न्यायालय ने प्यारेलाल सैनी सहित सभी चारों हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मुरादाबाद की जेल में बंद प्यारेलाल को वर्षों पहले बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। वर्तमान में वह बरेली जेल में ही बंद था। परिजनों के मुताबिक करीब एक साल से प्यारेलाल को गुर्दा संबंधित बीमारी थी। लगातार उसका स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा था। परिजनों की मांग पर करीब छह माह पहले दिल्ली में प्यारेलाल का आपरेशन कराया गया था। लेकिन पंद्रह दिन पहले फिर से उसकी हालत बिगड़ गई। लिहाजा जेल प्रशासन ने उसे लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। जहां बुधवार की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार की देर परिजन शव लेकर घर पहुंचे और गुरुवार की सुबह तिगरी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक प्यारेलाल के बेटे सोनू ने बताया कि उन्हें गुर्दा संबंधी बीमारी थी। जिस कारण उनकी मौत हो गई।