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मिसाल: अमरोहा में 13 दिन के भीतर पांच साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को मिली साढ़े तीन साल की सजा

Fri, 13 May 2022 05:40 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा

सार

15 अप्रैल को किसान अपनी मासूम बेटी को लेकर थाने पहुंचा और आरोपी शमसुद्दीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बाद में पुलिस ने आरोपी शमसुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। काफी प्रयास करने के बाद भी उसे जमानत नहीं मिल सकी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पांच साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने 13 दिन के भीतर सुनवाई कर साढ़े तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 23 हजार का जुर्माना लगाया। दोषी गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद है, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।

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यह घटना बछरायूं कस्बे के एक मोहल्ले की है। यहां पर अनुसूचित का परिवार रहता है। पेशे से किसान 14 अप्रैल 2022 को अपनी पत्नी के साथ गेहूं की कटाई कर रहा था। जबकि उनकी पांच साल की बेटी पेड़ की छांव में खेल रही थी। तभी दूसरे मोहल्ले का रहने वाला शमसुद्दीन किसान की मासूम बेटी को अपनी कोठरी में ले गया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। मासूम के रोने पर किसान की पत्नी और आस-पास के खेतों पर काम रहे लोग मौके पर पहुंच गए। इस दौरान आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ फरार हो गया। उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। 

15 अप्रैल को किसान अपनी मासूम बेटी को लेकर थाने पहुंचा और आरोपी शमसुद्दीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बाद में पुलिस ने आरोपी शमसुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। काफी प्रयास करने के बाद भी उसे जमानत नहीं मिल सकी। मंडी धनौरा सीओ ने प्रकरण की विवेचना कर 29 अप्रैल 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 
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यह मामला 30 अप्रैल को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पोक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में पहुंचा। एक मई को रविवार का अवकाश था, इसलिए न्यायालय ने दो मई को पीड़िता के बयान दर्ज किए। जिसके बाद न्यायालय ने मुकदमे को सीधे ट्रायल पर ले लिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। 12 मई (बृहस्पतिवार) को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच मुकदमे में बहस हुई। शुक्रवार को न्यायालय ने आरोपी शमसुद्दीन को दोषी करार दिया और साढ़े तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 23 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 

इसके अलावा न्यायालय ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। मासूम से छेड़खानी के आरोपी को तेरह दिन के भीतर सजा होने का मामला चर्चा का विषय बन गया। बेटी को न्याय मिलते ही पीड़िता के माता-पिता ने भावुक हो गए। जनपद में 13 दिन के भीतर किसी दोषी को सजा मिलने का यह पहला मामला है।

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