बसपा के बाद कांग्रेस ने भी दो विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अमरोहा सीट से सलीम खान एडवोकेट और मंडी धनौरा (सुरक्षित) से समरपाल सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। अभी हसनपुर और नौगांवा सादात सीट पर पत्ते खुलने बाकी है।
मूलरूप से अमरोहा नगर के रहने वाले सलीम खान एडवोकेट 1987 में बीएसएफ सहायक कमांडेंट के पद पर नियुक्त हुए थे। वर्ष 1991 में उन्होंने बीएसएफ से इस्तीफा देकर जनपद न्यायालय में प्रैक्टिस शुरू की। इस दौरान दो दफा बार एसोसिएशन के सचिव रहे। वर्ष 2014 से कांग्रेस के साथ राजनीति में सक्रिय हुए। लेकिन वर्ष 2017 में कांग्रेस और सपा का गठबंधन होने के बाद सीट सपा के खाते में चली गई थी। ऐसे में सलीम खान एडवोकेट ने कांग्रेस छोड़कर लोकदल के टिकट पर अमरोहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गए थे। इस बार भी सलीम खान ने चौथे नंबर पर रहकर 14132 वोट लिए थे। अब एक बार फिर वर्ष 2022 में वह कांग्रेस के टिकट पर अमरोहा विधानसभा सीट से मैदान में होंगे।
वहीं धनौरा सीट से समर पाल सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। समरपाल सिंह को कोई बड़ा राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं रहा है। उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर सियासत शुरू कर है। समरपाल सिंह 1980 में यूपी पुलिस में बतौर एसआई भर्ती हुए थे। वर्ष 2012 में उन्होंने इंस्पेक्टर के पद से वीआरएस ले लिया था। इसके बाद वह सपा के साथ राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 2012 में उन्हें धनौरा विधानसभा सीट से टिकट मिला था। लेकिन बाद में टिकट काटकर एम चंद्रा को दे दिया गया था। जिससे खफा होकर उन्होंने वर्ष 2019 में कांग्रेस का दामन थामा। अब उन्हें कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतारा है। जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया ने बताया कि अमरोहा और धनौरा सीट के प्रत्याशियों की घोषण हो गई है। अमरोहा सीट से सलीम खान एडवोकेट और धनौरा से समरपाल सिंह का प्रत्याशी बनाया गया है। हसनपुर और नौगांवा सीट के प्रत्याशियों के पत्ते खुलने अभी बाकी है।