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Amroha News: योग की वैश्विक पहचान बन रहा चोटीपुरा गुरुकुल, बेटियों ने जीते 486 पदक

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अमरोहा। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अमरोहा के रजबपुर क्षेत्र स्थित गांव चोटीपुरा का श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
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योग को जीवन का हिस्सा बनाकर बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। प्राचार्य डॉ. सुमेधा ने बताया कि गुरुकुल की छात्राएं न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी भारतीय योग परंपरा को बढ़ा रही हैं। योग के क्षेत्र में गुरुकुल की छात्राओं ने अब तक 486 पदक जीते हैं।
योग को जीवन में उतार चुकी हैं गुरुकुल की बेटियां : गुरुकुल की स्थापना 6 मार्च 1988 को शिक्षाविद् डॉ. सुमेधा द्वारा की गई थी। वर्ष 2018 में गुरुकुल में योग प्रशिक्षण की औपचारिक शुरुआत हुई थी। आज यहां करीब 800 छात्राएं नियमित रूप से योग का अभ्यास कर रही हैं, जबकि लगभग 500 छात्राओं ने कठिन योगासन का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इनमें से 100 छात्राएं ऐसी हैं, जो दूसरों को प्रशिक्षण देने में सक्षम हैं। गुरुकुल की पूर्व छात्रा और अंतरराष्ट्रीय योगाचार्य इंदु मथुरिया वर्तमान में नीदरलैंड में योग सिखाकर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दे रही हैं। कनिका कालरा, सारिका, आर्यांशी, साक्षी, आकांक्षा, आकृति और आर्येशा विभिन्न मंचों पर योग के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
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