केंद्रीय वस्तु व सेवाकर की टीम ने क्षेत्र में भ्रमण कर छह फर्जी फर्म पकड़ीं। उनका लक्ष्मी नगर स्थित कार्यालय में पंजीकरण पाया गया, लेकिन अफसरों को मौके पर संचालित होती नहीं मिलीं। अब उनका पंजीयन निरस्त करने की तैयारी है।
जिले में अमरोहा और गजरौला में केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर परिमंडल के दो कार्यालय हैं। हालांकि, दोनों परिमंडल में किसी अधीक्षक की तैनाती नहीं है। गजरौला के अधीक्षक निशान सिंह मल्ली पर अमरोहा का अतिरिक्त चार्ज था।
उनको पिछले महीने सीबीआई ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद बिजनौर के अधीक्षक जितेंद्र सिंह पर जिले के दोनों परिमंडल का अतिरिक्त प्रभार है, लेकिन वह कभी कभार ही जिले में आते हैं।
दोनों परिमंडल में एक-एक इंस्पेक्टर तैनात हैं। जिले में सीजीएसटी का कोई अधीक्षक नहीं होने के कारण फर्जी फर्म संचालित होने लगीं। स्थानीय परिमंडल के अफसरों को इसकी भनक लगी तो सकते में आ गए। उनका सत्यापन करने पर छह फर्म धरातल पर संचालित होती नहीं मिलीं। वह कागजों में ही चल रही थीं। सीजीएसटी के अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि छह फर्म गजरौला में फर्जी संचालित होने की जानकारी मिली है। उनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।