कारोबारी के पिता से भी जानकारी जुटाई। टीम आरोपियों के घर भी गई। घटना स्थल पर गए लोगों से भी जानकारी की। सीबीसीआईडी मेरठ की टीम सोमवार को नगर में आई। एक सदस्य टीम ने तिगरिया भूड़ के जंगल में उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां पर यश मित्तल का शव बरामद हुआ था।
आसपास के खेत देखे। जिस गड्ढे को खोदकर शव दबाया गया था, उसे देखा। उसकी गहराई देखी। तमाम अन्य सबूत इकट्ठा किए।
इसके बाद टीम इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी के टीचर कॉलोनी स्थित आवास पर आई। यहां टीम ने काफी देर तक इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी और उनकी पत्नी से यश मित्तल के बारे में अलग-अलग जानकारी ली। बयान दर्ज कर एक-एक बात डायरी में नोट की। इसके अलावा आरोपियों के घर भी गई। छात्र के शव बरामद होने के दौरान मौजूद रहे लोगों से भी जानकारी ली।
यह है पूरा मामला
नगर के टीचर कॉलोनी निवासी इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे यश मित्तल का बीते साल 26 फरवरी की शाम गौतम बुद्ध नगर के दादरी थाना क्षेत्र स्थित हॉस्टल से अपहरण कर लिया गया था। छात्र के परिजनों से छह करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इसके बाद गला दबाकर व पिटाई कर उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपियों ने उसका शव तिगरिया भूड़ के जंगल में गड्ढा खोद कर छिपा दिया थाा। जिसे दादरी पुलिस ने तिगरिया भूड़ निवासी हत्यारोपी रचित नागर की निशानदेही पर बरामद किया था। दादरी पुलिस ने सभी छह हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
यह हैं छात्र यश मित्तल के हत्यारोपी : इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे यश मित्तल की हत्या का आरोप लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी शुभम व सुशांत वर्मा, तिगरिया भूड़ के रचित नागर, सैदनगली के सुमित प्रधान व मोंटी और चौपला निवासी शशिकांत पर लगा था। पुलिस ने सभी छह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार जेल भेज दिया।