सड़क किनारे कीमती भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करने और भूमि पर खड़े वर्षों पुराने पेड़ काटने के आरोप में भारतीय किसान यूनियन भानू के तहसील अध्यक्ष समेत नौ लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नगर के मोहल्ला कायस्थान निवासी अरुण कुमार रस्तोगी का कहना है कि गांव कूड़ी वीरान में अमरूद की बगिया है। जो हसनपुर से अमरोहा रोड पर स्थित है। जिसमें यूके लिप्टिस के 27 वर्ष पुराने पेड़ खड़े हुए हैं। वर्ष 1992 से बगिया पर कब्जा बना हुआ है। भूमि जनपदीय मार्ग पर होने के कारण कीमती हो गई है। जिसके चलते भू-माफिया सक्रिय हो गए है। जो कब्जे की कोशिश करते रहते हैं कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। माफियाओं द्वारा फर्जी बैनामा भी कराया जा चुका है। जिसके विरोध में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन पुलिस से साठगांठ के बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया। 26 दिसंबर को भू-माफिया ने कब्जा करने के उद्देश्य से तारकशी को तोड़कर चारों तरफ खड़े पेड़ों को काट दिया। निर्माण शुरू कर दिया। विरोध करने पर मारपीट उतारू हो गए। अंजाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों का शांतिभंग में चालान किया। जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो न्यायालय की शरण ली गई।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पीके चौहान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर गांव करनपुर माफी निवासी भरतराम, राजपाल, जगत सिंह, भाकियू भानू गुट के हसनपुर तहसील अध्यक्ष देवेंद्र सैनी, प्रदीप, भारत, गांव ताहरपुर निवासी पूर्व प्रधान धर्मेश सिंह व कुलदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं, यह फर्जी मुकदमा लिखवाया गया है जोकि एक साजिश है।- देवेंद्र सैनी, तहसील अध्यक्ष हसनपुर, भाकियू भानू