टूंडला जीआरपी के खुलासे के बाद हसनपुर एसडीएम ने हरदयाल एंड संस आर्म्स एंड एम्युनिशन के मालिक सुशील चंद्र सक्सेना और उनके बेटे प्रतीक सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। पिता-पुत्र ने षड्यंत्र के तहत दुकान के स्टॉक रजिस्टर में हेराफेरी की। कारतूस खरीद-फरोख्त का सरगना प्रतीक सक्सेना निकला, जो अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद आदि जनपदों की शस्त्र दुकानों के विक्रेताओं से भारी मात्रा में कारतूस खरीदा था और यूपी, बिहार के कई जनपदों में सप्लाई होती थी। स्टॉक रजिस्टर में उनकी एंट्री नहीं की गई। इतना ही नहीं जीएसटी विभाग को कारतूस की खरीद-फरोख्त का लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया। केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आगरा की टूंडला जीआरपी ने 22 अप्रैल को रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान फिरोजाबाद के लेबर कॉलोनी दतौजी निवासी शादाब और फैजान उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 700 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जीआरपी ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान सामने आया कि फिरोजाबाद के लेबर कॉलोनी दतौजी निवासी तीसरे आरोपी सालू उर्फ फिरोज ने हसनपुर के मोहल्ला कायस्थान निवासी प्रतीक सक्सेना से कारतूस खरीदे थे। उसके बाद जीआरपी ने प्रतिक सक्सेना को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन इस बीच पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। सामने आया कि आरोपी गिरोह चलाते हैं। इसका सरगना प्रतीक सक्सेना है। जिनके द्वारा कारतूस की बिक्री यूपी-बिहार के अलग-अलग जनपदों में अलग-अलग लोगों को की जाती है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि बाबा गन हाउस आर्मस एंड एम्युनिशन डीलर्स पटेल मार्ग विष्णुपुरी अलीगढ़ द्वारा हरदयाल एंड संस आर्म्स एम्युनेशन हसनपुर को 15 और 23 मार्च को 4-4 हजार कारतूस मुख्य आरोपी प्रतीक सक्सेना ने अपने पिता सुशील चंद्र सक्सेना के फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी कर बिक्री के लिए खरीदे थे। लेकिन प्रतीक सक्सेना व लाइसेंस धारक सुशील चंद्र सक्सैना ने षड्यंत्र के तहत अपनी रजिस्टर्ड दुकान के स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रजिस्टर में कारतूसों की खरीद-फरोख्त की एंट्री न करके हेराफेरी की। बचे हुए कारतूसों को संबंधित सरकारी कंपनी को वापस नहीं किया गया। इतना ही नहीं इनके द्वारा जीएसटी विभाग से करतूतों की खरीद-फरोख्त का ब्योरा छिपाया गया। आगरा के अपर पुलिस अधीक्षक रेलवे का पत्र मिलने के बाद हसनपुर एसडीएम सुधीर कुमार ने कारतूस खरीद-फरोख्त के सरगना प्रतीक सक्सेना और उसके पिता सुशील चंद्र सक्सेना के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।