आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव भीमा सुल्तानपुर में सोमवार को परिजनों के साथ खेत पर गया बालक नलकूप की हौज में जा गिरा। किसी की नजर नहीं पड़ने से बालक काफी देर तक वहां पड़ा रहा। जब लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उसे निकालकर अस्पताल की ओर लेकर भागे, डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव भीमा सुल्तानपुर निवासी किसान ऋषिपाल सिंह परिजनों के साथ सोमवार सुबह खेत पर काम करने गए थे। उनके साथ उनका पुत्र मानसुख (5) भी था। परिजन खेत पर काम पर लग गए। मानसुख वहीं पर खेल रहा था। खेलत-खेलते उसे प्यास लगी और वो पड़ोस में स्थित किसान सोमपाल के खेत पर लगे नलकूप की ओर चला गया।
वहां पानी पीने की कोशिश में वो नलकूप की हौज में गिर गया। परिजन काम में व्यस्त थे सो उनकी नजर उस ओर नहीं गई। काफी देर बाद सोमपाल की पत्नी ज्ञानवती नलकूप पर गई तो बच्चे को हौज में गिरा देख उसकी चीख निकल गई।
उसके शोर मचाने पर मानसुख के परिजन भी नलकूप की ओर दौड़ पड़े। आनन-फानन में बच्चे को निकाल कर ढबारसी स्थित अस्पताल की ओर लेकर भागे। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इतना सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बाद में परिजन बालक के शव को लेकर घर चले गए।
घर का इकलौता चिराग था मानसुख
मानसुख किसान ऋषिपाल सिंह का इकलौता पुत्र था। उन्हें क्या पता था कि जरा सी निगाह हटते ही उनका बच्चा उनसे इतना दूर चला जाएगा। बालक की मौत से पिता बेसुध से हो गए हैं। यही कह रहे थे कि बच्चे को अकेला छोड़ा ही क्यूं। वहीं मां का तो रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार वो बच्चे का नाम लेकर चीख पड़ती थी। घर पर सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लगा था।