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गांव में लगे बूथ तो बढ़ा किशोरों का टीकाकरण

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स्वास्थ्य विभाग कोरोनारोधी टीके को लेकर सतर्क है। शासन की ओर से भी टीकाकरण की रफ्तार को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके चलते अब गांवों में भी टीकाकरण बूथ लगाए जा रहे हैं। जिसके बाद किशोरों और बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार बढ़ गई है। अब तक 12 से 14 उम्र तक के 87.26 फीसदी बच्चों ने पहली और 45.22 फीसदी ने दूसरी डोज लगवा ली है। ऐसे ही 15 से 18 साल तक के 76.45 किशोरों ने पहली और 59.98 फीसदी किशोरों को दूसरी डोज लग गई है।
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शासन ने स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि जिले में टीकाकरण का स्तर अच्छा नहीं है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए गांवों में भी बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही जिले में 12 से 14 उम्र तक के 77951 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 68017 बच्चों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली है। जबकि 35344 बच्चों ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई है।
जिले में किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लक्ष्य के करीब लग चुकी है। इसके अलावा 15 से 18 साल तक के 129066 किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 98675 किशोरों ने पहली डोज और 77417 ने दूसरी डोज लगवा ली है। इसके साथ ही 60 से ऊपर वाले लोगों को बूस्टर डोज बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में लोग बूस्टर डोज लगवाने में कम रुचि दिखा रहे हैं।
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स्कूल बंद होने के बाद बच्चों और किशोरों के टीकाकरण की रफ्तार थम गई थी, लेकिन छह जून से गांवों में बूथ लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। यह अभियान 24 जून तक चलेगा। गांव में टीकाकरण होने से बच्चों और किशोरों का टीकाकरण ठीक-ठाक हो रहा है। इससे साफ है कि बच्चों के अभिभावक भी उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरत रहे है।-डॉ.राजकुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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