सर्पदंश की यह घटना बुधवार सुबह करीब नौ बजे की है। धान की पौध रोपते समय होराम के हाथ की अंगुली पर सांप ने फन मारा था तुरंत सही इलाज कराने के बजाय परिजन देसी उपचार और फिर झाड़ फूंक वाले के जाल में उलझे रहे। इस बीच होराम की हालत बिगड़ती गई। शाम करीब पांच बजे होराम को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने सही उपचार में देरी को मौत का कारण बताया है।
आठ साल पहले हुई थी शादी
ग्रामीणों ने बताया कि होराम की शादी आठ साल पहले हुई थी। इस बीच कोई संतान नहीं थी। खेती पर निर्भर परिवार खुशहाल था लेकिन सर्पदंश के मामले में अंधविश्वास ने परिवार की खुशियां छीन लीं। होराम की पत्नी के आंसू थम नहीं रहे हैं।
डॉक्टर बोले, बिना देरी कराएं सही इलाज
सीएचसी रहरा के प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि सर्पदंश के बाद मरीज को नजदीक होते हुए भी सीएचसी नहीं लाया गया। सर्पदंश जैसे मामलों में तुरंत सही इलाज से जीवन बचाना आसान है। झाड़ फूंक अक्सर जानलेवा साबित होती है।