अमरोहा। धोखाधड़ी के मुकदमे में आरोप पत्र लगाने के बाद आरोपियों ने दरोगा को घेरकर मारपीट करने की कोशिश की। जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों पर न्यायालय को भ्रमित कर झूठा मुकदमा भी दर्ज कराने का भी आरोप है। हालांकि पुलिस दरोगा पर दर्ज केस की जांच कर रही है।
अमरोहा नगर कोतवाली में तैनात दरोगा परशुराम को एसपी अमित कुमार आनंद ने कुछ दिन पहले निलंबित कर दिया था। वर्तमान में उनकी तैनाती पुलिस लाइन में हैं। दरोगा का आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी के एक मुकदमे की विवेचना की थी। जिसमें मोहम्मद अजीम उर्फ नईम, मोहम्मद शमी और मुजीबुर्रहमान आरोपी थे। इस मामले में दरोगा परशुराम ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि आरोपी मुकदमे को खत्म करना चाहते थे, लेकिन आरोप पत्र दाखिल होने के बाद रंजिश रखने लगे। आरोपियों ने एक फर्जी वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए दरोगा परशुराम को निलंबित कर दिया था।
आरोपियों ने मुकदमा खत्म नहीं करने पर दरोगा को झूठे मुकदमे में फंसने की धमकी दी। 23 अप्रैल को दरोगा परशुराम पुलिस ऑफिस जा रहे थे। जैसे ही कचहरी के पास जिला जज के आवास वाले रास्ते के पास पहुंचे, तभी मोहम्मद शमी, मोहम्मद अजीम उर्फ नईम ने मोटरसाइकिल आगे लगाकर रोक लिया और जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। तभी मुजीबुर्रहमान भी मौके पर आ गया। तीनों आरोपियों ने दरोगा परशुराम के साथ मारपीट करने की कोशिश की। लोगों की भीड़ जमा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। दरोगा परशुराम का आरोप है कि तीन आरोपी लगातार मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले में मोहम्मद अजीम, मोहम्मद शमी और मुजीबुर्रहमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।