औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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खाकी की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में गिरफ्तार कर लाया गया मुलजिम शुक्रवार की सुबह गजरौला थाने से पुलिस कर्मियों का हाथ छुड़ा कर भाग निकला। मुलजिम के भाग जाने से थाने में खलबली मच गई। संबंधित उप निरीक्षक की ओर से फरार मुलजिम समेत कांस्टेबल गेंदा लाल और होम गार्ड राजेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई देर रात एसपी ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया।
बता दें कि एनडीपीएस एक्ट का मुलजिम अजीत पुत्र अशोक कुमार बाल्मीकि निवासी मोहल्ला मायापुरी को गिरफ्तार कर हवालात में बंद था। शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच कांस्टेबिल गेंदा लाल और होमगार्ड राजेंद्र सिंह मुलजिम अजीत को दैनिक कार्य के लिए थाना परिसर में बने शौचालय पर ले कर गए थे। हाथ में हथकड़ी नहीं थी।
टॉयलेट से लौटते समय पुलिस कर्मी ने अजीत का हाथ पकड़ रखा था और हवालात की ओर ले जा रहे थे। हवालात के नजदीक पहुंचे ही थे कि अजीत हाथ छुड़ा कर भाग निकला। थाने में खलबली मच गई। पुलिस कर्मियों ने इधर-उधर तलाश किया लेकिन तब तक मुलजिम दूर जा चुका था। थानाध्यक्ष पीके सिंह ने बताया कि एसआई डीपी सिंह की ओर से मुलजिम अजीत, कांस्टेबिल गेंदा लाल और होमगार्ड राजेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जो लोग दोषी हैं उनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।