श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से गुरुवार को प्रभु राम की बारात धूमधाम से निकली। रामदरबार के साथ शोभायात्रा में शामिल सुंदर झाकियों ने सबको मोहित कर डाला। भगवान शिव शंकर का तांडव और अघोरी नृत्य ने सभी का मनमोह लिया। बैंडबाजे की धुन पर भक्त झूम उठे और माहौल भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ मोहल्ला कोट स्थित दिल्ली वालों के मकान से हुआ। जहां सभी ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी की आरती उतारी। तिलककर विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इसमें प्रभु श्रीराम-लक्ष्मण रथ पर विराजमान थे। उनकी शोभा देखते ही बन रही थी।
इसके अलावा भरत-शत्रुघन, महर्षि विश्वामित्र, प्रभु का बालपन की झाकियों ने सबका मन मोह लिया। बैंडबाजे की धुन पर बज रहे भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा कोट चौराहा, बाजार बटवाल, गुजरी, कटरा, बसावनगंज, कोतवाली, मछरट्टा होते ही रामलीला स्थल पर जाकर समाप्त हुई। जहां प्रभु राम की आरती की गई। इसके पश्चात भजन कीर्तन हुआ। प्रभु के जयकारों से पंडाल गूंज उठा।
रामलीला स्थल पर भगवान राम, लक्षमण की आरती की गई। राम बारात का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। राम बारात में भगवान शिव शंकर का तांडव और अघौरी नृत्य, राधा कृष्ण, बांके बिहारी, राजा दशरथ, गुरु विशिष्ट, गुरु विश्वामित्र और राम दरवार की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। यहां, अजय कुमार अग्रवाल, विशाल गोयल, कुंवर विनीत, रमेश गोयल, रविराज सरन, कपिल शर्मा, अजय चतुर्वेदी, शारदुल अग्रवाल, संजीव सैनी आदि मौजूद रहे।
प्रभु राम के संग जानकी माता ने लिए फेरे
अमरोहा। रामलीला कलाकारों ने प्रभु राम सीता विवाह की लीला का मंचन किया। सीता माता ने प्रभु राम के साथ फेरे लिए। सीता माता की विदाई हुई। जानकी की विदाई पर राजा जनक की आंखे भर आई। कलाकारों ने इस लीला का मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।