अमरोहा। जीवित किशोरी को मृत दर्शाकर ऑनर किलिंग के झूठे आरोप में निर्दोष परिजनों को मुलजिम बचाने वाले षड्यंत्रकारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा की अग्रिम जमानत जिला जज की अदालत ने खारिज कर दी है। फर्जी खुलासा करने के मामले में अशोक शर्मा सहित 11 पुलिस कर्मियों के खिलाफ आदमपुर थाने में एफआईआर दर्ज है। पुलिस कर्मियों पर षड्यंत्र रचना, झूठे और गंभीर अपराध के लिए कूटरचित साक्ष्य गढ़ना, किसी को दस दिन से अधिक गलत तरीके से अभिरक्षा में रखने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोपी इंस्पेक्टर बरेली में तैनात हैं। उधर, पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाया है। आदमपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में किसान की पंद्रह वर्षीय बेटी छह फरवरी 2019 को खेत से अचानक गायब हो गई थी। लिहाजा किशोरी के भाई ने पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद भी अपहृत किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी थी। तत्कालीन एसपी ने मुकदमे की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा को सौंपी थी। इसके बाद षड्यंत्रकारी इंस्पेक्टर ने घटना का फर्जी खुलासा कर डाला। 29 दिसंबर 2019 को किशोरी के किसान पिता, भाई और एक रिश्तेदार को ऑनर किलिंग में जेल भेज दिया था। लेकिन, जिस किशोरी को पुलिस ने मृत दर्शाया था, लॉकडाउन के दौरान वह 7 अगस्त 2020 को अपने प्रेमी के घर मिल गई थी। इसके बाद षड्यंत्रकारी पुलिस की झूठी स्क्रिप्ट से पर्दा उठ गया था।
पुलिस की लापरवाही के कारण निर्दोष होते हुए भी किशोरी के पिता को 11, भाई को नौ और रिश्तेदार को 15 महीने जेल में गुजारने पड़े। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर तत्कालीन इंस्पेक्टर व विवेचक अशोक कुमार शर्मा, एसआई मोहम्मद आरिफ, राकेश कुमार, मनोज कुमार, विनोद कुमार त्यागी, सिपाही भूपेंद्र सिंह, कृष्णवीर सिंह, अनिरुद्ध, दीपक कुमार, महिला सिपाही अपेक्षा तोमर और निधि के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी बीच आरोपी इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा ने 26 अक्तूबर को जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था। इसके बाद न्यायालय ने संबंधित थाना पुलिस ने रिपोर्ट मांगी थी। प्रकरण में बुधवार को न्यायालय ने सुनवाई की। इसके बाद गुरुवार को अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप चौधरी ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। जिससे न्यायालय ने खारिज कर दिया है। उधर, पीड़ित परिजनों ने आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी है।