गजरौला के चकनवाला के पशु अस्पताल के अंदर उगी झाड़ी।
- फोटो : JPNAGAR
गजरौला। पूर्व सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर के गोद लिए गांव में पचास लाख रुपये की कीमत से डेढ़ दशक पूर्व बने पशु अस्पताल में घास और झाड़ झंखाड़ खड़े हैं। जिनको देख लग रहा है कि दशकों से इसकी साफ सफाई नहीं की गई है। अस्पताल को जाने वाले मार्ग में भी घास व झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों को अस्पताल का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। अब ग्रामीण इस अस्पताल में कूड़ा कचरा डालते हैं।
गजरौला क्षेत्र के गांव चकनवाला में वर्ष-2005 में प्रदेश सरकार के तत्कालीन दुग्ध एवं पशुधन मंत्री चौधरी विरेंद्र सिंह ने पशु अस्पताल बनवाया। यहां पर एक कमरा व बरामदा, शौचालय और पशु गर्भाधान के लिए बने अड़गड़ा और चाहरदीवारी पर 50 लाख रुपये खर्च हुए थे। तब क्षेत्र के लोगों को यह उम्मीद जगी थी कि पशुओं के बीमार हो जाने पर उनको दूर नहीं जाना या भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही उन्नत नस्ल के सांड़ों की बीज मिलने पर यहां अच्छी नस्ल के पशु पाले जाएंगे तो दूध उत्पादन में भी वृद्घि होगी। जिससे लोगों की आमदनी बढ़ेगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। 50 लाख रुपये खर्च कर बने अस्पताल में स्टाफ की तैनाती नहीं की गई। जिसके चलते बनने के साथ ही बुरे दिन शुरू हो गए। यहां पर घास और झाड़ झंखाड़ उग आए। जिन्होंने अस्पताल को ढक लिया है। झाड़ियों, भांग और घास को देख लगता है कि दशकों से इसकी साफ सफाई नहीं की गई। आस पास के ग्रामीण इस अस्पताल में कूड़ा कचरा डालते हें। अब पूर्व सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित तंवर के जिलाध्यक्ष बनने पर ग्रामीणों को अस्पताल के बहुरने की उम्मीद जगी है। महाश्य जयचंद सिंह, श्रीपाल सिंह, अनिल भाटी, गौतम सिंह नागर, सूबे सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में किसी की तैनाती की जाए, इसके लिए वह अधिकारियों के सैकड़ों चक्कर लगा चुके हैं।
सांसद के गोद लेने पर भी नहीं बदले हालात
गजरौला। वर्ष-2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर स्थानीय लोक सभा सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने चकनवाला गांव को गोद लिया था। जिसके बाद गांव में सड़क, नालियां आदि तो बनी, लेकिन पशु अस्पताल के हालात नहीं बदले। नतीजतन अस्पताल में घास और झाड़ियों के झुंड खड़े हैं।
तीन साल पूर्व यहां पर तैनात चिकित्सक की मौत हो गई। मौजूदा साल जुलाई में फिर तैनाती की गई, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। बाद में उनका दूसरी जगह तबादला हो गया। फिलहाल यहां पर किसी की तैनाती नहीं है -डा. मंशाराम यादव उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अमरोहा।