किशोरी के बरामद नहीं होने से नाराज परिजनों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया। डीजल की केन लेकर पहुंचे परिवार ने आत्मदाह करने की धमकी दी। कलक्ट्रेट में मौजूद होमगार्डों के होश उड़ गए। किसी तरह परिजनों को समझा कर एसपी ऑफिस लेकर पहुंचे। यहां मौजूद सीओ ने पीड़ित परिजनों को समझ कर शांत किया और जल्द ही किशोरी को बरामद करने का आश्वासन दिया।
मामला नौगांवा सादात के एक मोहल्ले का है। यहां पर कारोबारी का परिवार रहता है। पड़ोस में रहने वाला फारूक पांच नवंबर की दोपहर किशोरी को अपने साथ ले गया। काफी तलाश करने के बाद भी किशोरी का कहीं पता नहीं चला। पीड़ित परिजनों ने मामले में फारुख और उसके परिजनों समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
शुक्रवार की दोपहर कारोबारी अपने पत्नी बच्चों व अन्य परिजनों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचा और नौगांवा सादात पुलिस पर बेटी को बरामद करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। डीजल से भरी केन लेकर पहुंचे परिवार ने कलक्ट्रेट परिसर में ही आग लगाकर आत्मदाह करने की धमकी दी। शनिवार को सरकारी छुट्टी थी, इसलिए कलक्ट्रेट बंद था।
डीएम राजेश कुमार त्यागी समेत सभी अधिकारी तिगरी मेले में थे। परिवार के द्वारा आत्मदाह करने की धमकी के बाद कलक्ट्रेट की सुरक्षा में तैनात होमगार्डों के होश उड़ गए। उन्होंने पीड़ित परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह किशोरी को बरामद करने की जिद पर अड़े रहे।
इसके बाद होमगार्ड पीड़ित परिवार को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे और यहां सीओ कार्यालय सतीश चंद्र पांडेय से मिलवाया। सीओ सतीश चंद पांडेय ने पीड़ित परिवार को समझ कर शांत किया और किशोरी को जल्द ही बरामद करने का आश्वासन दिया। सीओ ने बताया कि नौगांवा सादात का परिवार आया था।
सभी अधिकारी तिगरी मेले में गए हुए थे। पीड़ित परिवार को समझा कर घर भेज दिया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद किया जाएगा।