अमरोहा। जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान में अमरोहा ने प्रदेश स्तर पर उपलब्धि हासिल की है। जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन) की सितंबर रैंकिंग में अमरोहा 39 पायदान की छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया। अगस्त में 112 अंक के साथ जिला 44वें स्थान पर था, जबकि सितंबर में 130 में से 119 अंक यानी 91.54 प्रतिशत हासिल किए।
डीएम डॉ. नितिन गौड़ की दैनिक निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से शिकायतों के निस्तारण में सुधार हुआ। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच के बाद शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए। डीएम और एसपी कार्यालय के लिए शासन ने 485 शिकायतों का मासिक लक्ष्य तय किया था, जबकि 730 शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों को भेजी गईं, जो लक्ष्य का 150.52 प्रतिशत है। शिकायतों को विभागों तक पहुंचाने में औसतन 0.34 दिन लगे।
पोर्टल पर दर्ज 3745 फीडबैक में 2664 यानी 71.13 प्रतिशत फरियादियों ने निस्तारण पर संतुष्टि जताई। करीब 85 प्रतिशत मामलों में अधिकारियों ने फोन पर संपर्क किया या मौके पर पहुंचकर समस्या जानी। शासन और उच्च स्तर पर जांचे गए 177 मामलों में एक भी प्रकरण सी-श्रेणी का नहीं मिला। कुल शिकायतों के सापेक्ष डिफाल्टर मामलों की दर भी 0.29 प्रतिशत रही। नियमित निगरानी और जवाबदेही के चलते अमरोहा प्रदेश के शीर्ष पांच जिलों में शामिल हुआ।
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आईजीआरएस जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। जिले का पांचवें पायदान पर पहुंचना पूरी प्रशासनिक टीम के आपसी समन्वय और जनता के विश्वास का परिणाम है। हमारी प्राथमिकता केवल शिकायतों का कागजी निस्तारण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को वास्तविक राहत दिलाना है। आगे भी इसी तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य जारी रहेगा।
— डॉ. नितिन गौड़, जिलाधिकारी, अमरोहा