दानिश और सचिन के बीच मचा घमासान
अमरोहा सीट से कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा, यह तो आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। लेकिन, सांसद दानिश अली और कांग्रेस प्रदेश महासचिव सचिन चौधरी के बीच टिकट पाने होड़ मची है। यह उनकी गतिविधियों से साफ नजर आ रहा है। सचिन चौधरी ने अपना प्रचार वाहन मैदान में उतार दिया है। तो सांसद दानिश अली भी लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
बता दें कि पिछले दिनों सचिन चौधरी ने दानिश अली को लेकर कहा था कि यदि कांग्रेस से वह प्रत्याशी घोषित हुए तो वह उन्हें चुनाव नहीं लड़ाएंगे। हालांकि, दानिश अली अभी भी खुलकर नहीं बोल रहे हैं। उधर, चर्चा यह भी हो रही है कि दोनों की प्रतिद्वंद्विता के बीच कहीं तीसरा बाजी न मार जाए।
उम्मीद है कि मंगलवार शाम तक टिकट को लेकर तस्वीर साफ हो जाए। सांसद दानिश अली ने अभी तक कांग्रेस की विधिवत सदस्यता नहीं ली है। वहीं, सचिन चौधरी पुराने कांग्रेस नेता है। टिकट को लेकर क्या फैसला होगा। यह हाईकमान पर निर्भर करता है। - ओमकार कटारिया, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
40 साल का सूखा खत्म करना होगा चुनौती
अमरोहा में चालीस साल से अपनी खोई जमीन तलाश रही कांग्रेस इस बार सपा के सहारे जीत की नैया पार लगाने की कोशिश में है। हालांकि पिछले चुनावों में उसके वोट बैंक में कोई इजाफा नहीं हो सका है। आजाद भारत के शुरुआती आम चुनाव में मुरादाबाद डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल के नाम से अपनी पहचान रखने वाली अमरोहा लोकसभा 1957 के आम चुनाव में अमरोहा के नाम से वजूद में आई।
लेकिन 2019 तक हुए आम चुनावों में कांग्रेस केवल चार बार ही इस सीट पर जीत का स्वाद चख सकी है। 1952, 57 एवं 1962 के चुनाव में कांग्रेस के हिफजुर्रहमान ने जीत दर्ज की। इसके बाद भी 22 बरस तक कांग्रेस का इस सीट पर सूखा ही रहा।
इसके बाद 1984 में कांग्रेस के रामपाल सिंह ने इस सीट पर कांग्रेस को संजीवनी देने का काम किया लेकिन इसके बाद कांग्रेस इस सीट पर अपना वजूद खोती गई। अब इस चुनाव के लिए कांग्रेस सपा से गठबंधन के सहारे जीत की संजीवनी मिलने की उम्मीद लगाए बैठी है।