हसनपुर निवासी ने सात साल पहले अपनी बच्ची एक रिश्तेदार को गोद दी थी। उस समय कानूनी औपचारिकता पूरी नहीं की गई। अब उन्हें पता चला कि गोद लेने वाला दंपती बच्ची को अन्य महिला को सौंप रहा है। इसके बाद पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई गई।
सात साल पूर्व गोद दी गई बच्ची को वापस लेने के लिए तय दिन पर महिला हसनपुर कोतवाली पहुंच गई। दूसरा पक्ष बच्ची को लेकर नहीं पहुंचा। इसके बाद लाचार मां फूट-फूटकर रोने लगी। कोतवाली गेट पर महिला ने जमकर हंगामा किया। कहा कि मुझे हर हाल में मेरी बेटी चाहिए। लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस कोई मदद नहीं कर रही है।
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हसनपुर निवासी कुलदीप शर्मा ने अपनी बेटी पूजा की शादी संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव हरिदासपुर व हाल निवासी मुरादाबाद के लाइनपार आदर्श नगर निवासी रविंद्र शर्मा के साथ की थी। सात वर्ष पूर्व पूजा ने अपनी छह माह की बेटी को दिल्ली के बदरपुर रहने वाली तहेरी जेठानी के भाई को गोद दिया था।
इसकी कानूनी रूप कोई लिखा पढ़ी नहीं की गई। आरोप है कि गोद लेने वाले रिश्तेदार ने बच्ची को खुद न पालकर तीसरी जगह गलत मंशा से गलत हाथों में सौंप दिया है। शिकायत होने पर 30 नवंबर 2023 को दोनों पक्षों को पुलिस ने कोतवाली में बुलाया था।
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जिसमें तय हुआ था कि 10 दिसंबर को बच्ची को पुलिस की मौजूदगी में कोतवाली में जन्म देने वाली मां के सुपुर्द कर दिया जाएगा। रविवार को निर्धारित दिन व समय पर बच्ची की मां कोतवाली पहुंच गई। लेकिन पूरा दिन इंतजार करने पर भी दूसरा पक्ष बच्ची को लेकर नहीं पहुंचा। मां की ममता फूट-फूटकर रोती रही।
पुलिस ने समझाकर वापस भेज दिया। इसके बाद महिला ने कोतवाली के बाहर पहुंचकर हंगामा किया। कहा कि अपनी बच्ची को हर हाल में लेकर रहूंगी। सीओ अरुण कुमार का कहना है कि यह प्रकरण बच्ची से जुड़ा है तो इसमें बाल कल्याण समिति के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा।