पुलिस की पाठशाला में भाग लेती छात्राएं
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सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने शिक्षा और जीवन शैली पर पर बोलते हुए कहा कि संचार क्रांति ने बहुत कुछ बदल दिया है, लेकिन मोबाइल का इस्तेमाल एक सीमा तक ही करें। कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। स्वावलंबी बनने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए क्लास रूम का महत्व समझाया। वहीं डायल 112 पुलिस कैसे काम करती है, इसके बारे में बताया गया।
बालिग होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए, तभी वाहन चलाएं
टीएसआई धर्मेंद्र खोखर और जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य अनिल कुमार जग्गा ने बताया कि छात्र-छात्राएं बालिग होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं, तभी वाहन चलाएं। बालिग होने पर यातायात की जानकारी भी हो जाती है और वाहन चलाने में सक्षम होने पर हड़बड़ाहट कम होती है। वर्ष में करीब डेढ़ लाख लोगों की जान चली जाती है।
ऐसे परिवारों का आर्थिक नुकसान भी काफी होता है। नए कानून के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के बच्चे वाहन न चलाएं। अन्यथा पकड़े जाने पर परिजनों को सजा हो सकती है। वहीं, जो 18 साल से ऊपर के हैं, बाइक चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग जरूर करें।
विद्यार्थियों की जानकारी के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी
कॉलेज प्रबंधक डॉ. गिरीश बंसल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहने चाहिए। इससे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन होता है और उन्हें आगे बढ़ने की सही दिशा मिलती है। साथ ही उन्होंने बताया कि स्कूल की तरफ से समय-समय पर कला, खेल और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे की बच्चों का चहुंमुखी विकास हो सके।