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पुलिस की पाठशाला: छात्राओं को किसी से डरने-घबराने की जरूरत नहीं, एसपी बोले- पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर

Fri, 19 Jan 2024 12:18 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

अमरोहा में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला का आयोजन करवाया गया। इसमें एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने कहा कि छात्राओं को रास्ते में कोई परेशान करे तो इसको नजरअंदाज नहीं करें। आराजक तत्वों की पुलिस से शिकायत करें।  
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अमरोहा में पुलिस की पाठशाला में एसपी कुंवर अनुपम सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरोहा एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने कहा कि छात्र-छात्राएं अपने मन में कोई बात नहीं रखें। छात्राओं को डरने की कोई जरूरत नहीं है। वह आत्मनिर्भर बनें और अपने साथ आने वाली किसी भी समस्या को बेझिझक अपने परिजन, शिक्षक और पुलिस के साथ साझा करें। अगर कोई अपराध होता है तो डरे नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।

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पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने लिटिल स्कॉलर्स एकेडमी में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबर, पुलिस हेल्प डेस्क, अभिभावकों या शिक्षकों की तुरंत ही मदद लेनी चाहिए।

हेल्पलाइन नंबर का निर्भीक होकर उपयोग करें। यदि छात्र-छात्राओं को रास्ते में कोई परेशान करे तो नजरअंदाज न करें, इसकी शिकायत पुलिस से करें। कहा कि कोई भी अराजक तत्व अगर आपके रास्ते का बाधक है तो पुलिस आपके साथ हर कदम पर खड़ी है। पुलिस को दोस्त समझ कर अपनी हर छोटी बड़ी समस्या साझा करें।
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उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल संभलकर करें। उन पर अपनी निजी जानकारी, मोबाइल नंबर व फोटो शेयर न करें। कहा कि साइबर क्राइम से बचाव के लिए ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने में ही समझदारी है। अक्सर देखा जाता है कि दोस्ती होने पर छात्र-छात्राएं अपने व्यक्तिगत फोटो, वीडियो साझा करने लगते हैं, दोस्ती टूटने पर इसका गलत इस्तेमाल हो जाता है।

ऐसे में दोस्ती चाहे जितनी भी गहरी हो, अपने फोटो, वीडियो को सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर साझा न करें।एसपी ने बताया कि अगर साइबर अपराध हो तो तत्काल इसकी सूचना 1930 पर देनी चाहिए। उन्होंने यातायात नियमों के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक किया।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन सुनील जोशी और अनिल कुमार जग्गा ने किया। वहीं प्रभारी डायल 112 संजीव कुमार, कॉलेज डायरेक्टर दर्पण बंसल, प्रधानाचार्य डॉ. अनुराधा बंसल व अन्य स्टाफ मौजूद रहा ।

 

पुलिस की पाठशाला में भाग लेती छात्राएं - फोटो : संवाद

सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें

एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने शिक्षा और जीवन शैली पर पर बोलते हुए कहा कि संचार क्रांति ने बहुत कुछ बदल दिया है, लेकिन मोबाइल का इस्तेमाल एक सीमा तक ही करें। कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। स्वावलंबी बनने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए क्लास रूम का महत्व समझाया। वहीं डायल 112 पुलिस कैसे काम करती है, इसके बारे में बताया गया।

 

बालिग होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए, तभी वाहन चलाएं

टीएसआई धर्मेंद्र खोखर और जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य अनिल कुमार जग्गा ने बताया कि छात्र-छात्राएं बालिग होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं, तभी वाहन चलाएं। बालिग होने पर यातायात की जानकारी भी हो जाती है और वाहन चलाने में सक्षम होने पर हड़बड़ाहट कम होती है। वर्ष में करीब डेढ़ लाख लोगों की जान चली जाती है।

ऐसे परिवारों का आर्थिक नुकसान भी काफी होता है। नए कानून के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के बच्चे वाहन न चलाएं। अन्यथा पकड़े जाने पर परिजनों को सजा हो सकती है। वहीं, जो 18 साल से ऊपर के हैं, बाइक चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग जरूर करें।
 

विद्यार्थियों की जानकारी के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी

कॉलेज प्रबंधक डॉ. गिरीश बंसल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहने चाहिए। इससे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन होता है और उन्हें आगे बढ़ने की सही दिशा मिलती है। साथ ही उन्होंने बताया कि स्कूल की तरफ से समय-समय पर कला, खेल और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे की बच्चों का चहुंमुखी विकास हो सके।

 

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इन बातों का रखें खास ध्यान

  • अनजान लिंक अथवा वेबसाइट पर क्लिक न करें।
  • समय-समय पर पासवर्ड को बदलते रहें।
  • सोशल मीडिया पर अपनी प्राइवेसी रखें।
  • फेसबुक पर अज्ञात लोगों को दोस्त न बनाएं।

मुसीबत में यहां करें कॉल

  • हेल्पलाइन नंबर- 112
  • वूमेन पावर लाइन 1090
  • महिला हेल्पलाइन 181
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन- 1076
  • चाइल्ड हेल्पलाइन-1098
  • स्वास्थ्य सेवा-102
  • एंबुलेंस सेवा-108
  • साइबर अपराध-1930
 
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