बछरायूं क्षेत्र के गांव चौखट निवासी अख्तर (65) की हत्या संपत्ति के विवाद में उसके ही छोटे बेटे सरफराज ने भाड़े के हत्यारों से कराई थी। बेटे ने ही गांव निवासी शौकीन और संभल के थाना नखासा के गांव हिशामपुर निवासी नईम ऊर्फ लाला ने तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी। जिसमें 15 हजार रुपये एडवांस दिए थे। रविवार को पुलिस ने भाड़े के हत्यारों और हत्या की साजिश रचने वाले बेटे सरफराज को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया। बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव चौखट निवासी अख्तर का शव बुधवार की सुबह थाना क्षेत्र के ही गांव भगवानपुर में सत्संग भवन के पास पड़ा मिला था।
उसके दोनों हाथ पीछे की ओर रस्सी से बंधे थे। गले में रूमाल बंधा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। मृतक की विवाहित पुत्री फिरोना ने तहरीर देकर भाई सरफराज पर पिता की हत्या का आरोप लगाया था। उसने तहरीर में आरोप लगाया था कि पिता ने कुछ जमीन उसके नाम कर दी थी। जिसको लेकर उसका भाई सरफराज विरोध कर रहा था। इसी बात से नाराज होकर भाई सरफराज के कहने पर गांव निवासी शौकीन उर्फ लटूर मंगलवार की शाम उसके पिता को दवा दिलाने के बहाने बाइक से ले गया और हत्या का शव भगवानपुर गांव के पास फेंक आया था।