अमरोहा। लंबित मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। जोई के मैदान में एकत्र हुए जिले भर के कर्मचारियों ने नारेबाजी की। वहीं, एंबुलेंस सेवा ठप होने से मरीज और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। निजी एंबुलेंस चालक मनमाने दाम वसूलकर चांदी काट रहे हैं।
जीवन दायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के एंबुलेंस कर्मचारी छह सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले दो दिन से हड़ताल पर हैं। एंबुलेंस कर्मचारी सेवाएं ठप कर जोई के मैदान पर जमे हुए हैं। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश में भी कर्मचारी डटे रहे। जिलाध्यक्ष हितेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन की मांग है कि कंपनी बदलने पर एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को न बदला जाए। कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारी को ठेकेदारी से मुक्त किया जाए। कोरोना काल में जान गंवाने वाले एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को जल्द बीमा राशि 50 लाख रुपये और सहायता राशि सरकार की तरफ से जारी हो। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती नहीं होनी चाहिए। धरनारत एंबुलेंस कर्मचारियों ने चेतवानी दी जब तक उनकी सभी मांगे नहीं मान ली जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के चलते मरीज और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकारी अस्पतालों में कई मरीज एंबुलेंस के इंतजार में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। प्रदर्शन करने वाले एंबुलेंस कर्मचारियों ने फहीम अहमद, सुरेंद्र सिंह, कुलदीप, हरीश, सुमित, मोविन, सुरेंद्र, अजय यादव, अंकुर, अनुज, विनोद, रामबाबू, राघव, कमलजीत, अमित यादव, रामवीर सिंह, दुष्यंत आदि मौजूद रहे।