अमरोहा। जिले में 236 मृत महिलाओं को सालों से विधवा पेंशन की सौगात मिल रही है। साथ ही 48 ऐसी महिलाएं भी योजना का लाभ लेती रहीं, जिन्होंने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी रचा ली। वार्षिक सत्यापन में खुलासा होने के बाद जिला प्रोबेशन विभाग ने सभी की पेंशन तत्काल निरस्त कर दी है। साथ ही करीब 10 लाख रुपये की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि संबंधित लोग धनराशि वापस नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
अमरोहा जनपद में वर्तमान में 40760 महिलाएं निराश्रित महिलाएं पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं। शासन की ओर से प्रत्येक पात्र महिला को एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जाती है, जिसका भुगतान तीन-तीन माह के अंतराल पर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाता है। हर वर्ष अप्रैल और मई में लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है, जिससे अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर किया जा सके। इस वर्ष हुए सत्यापन के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि 236 महिलाओं की मृत्यु के बाद भी उनके खातों में पेंशन की राशि भेजी जा रही थी। शुरुआती मामला गजरौला कस्बे की रामवती का सामने आया, जिनका अक्तूबर में निधन हो गया था। परिजनों ने विभाग को इसकी सूचना नहीं दी, जिसके चलते दिसंबर और मार्च की पेंशन उनके खाते में पहुंच गई। इसके बाद विभाग ने पूरे जिले में गहन जांच कराई, जिसमें बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए।
-
करीब 10 लाख रुपये की होगी वसूली
जांच में सामने आया कि मृत महिलाओं के खातों में लगभग 10 लाख रुपये की पेंशन राशि पहुंची है। जिला प्रशासन के निर्देश पर मृतक लाभार्थियों की सूची संबंधित विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को भेज दी गई है। अब इन्हीं अधिकारियों के माध्यम से संबंधित परिवारों से धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
दूसरी शादी के बाद भी लेते रहे योजना का लाभ
सत्यापन के दौरान 48 महिलाएं ऐसी भी मिलीं, जिन्होंने दूसरी शादी कर ली थी और अपने पति के साथ रह रही हैं लेकिन विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी गई। नियमों के अनुसार दूसरी शादी के बाद निराश्रित महिला पेंशन का लाभ समाप्त हो जाता है। इन सभी महिलाओं की पेंशन भी निरस्त कर दी गई है तथा उनसे भी प्राप्त की गई धनराशि की वसूली की जाएगी।
-
हर वर्ष होता है लाभार्थियों का सत्यापन
जिला प्रोबेशन अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पेंशन का भुगतान सीधे लखनऊ स्थित निदेशालय से लाभार्थियों के खातों में किया जाता है। स्थानीय स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया नहीं होती। किसी लाभार्थी की मृत्यु या दूसरी शादी होने पर परिजनों अथवा स्वयं लाभार्थी को विभाग और बैंक को इसकी सूचना देना अनिवार्य होता है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह जानकारी नहीं दी जाती। इसी कारण प्रत्येक वर्ष अप्रैल और मई में व्यापक सत्यापन कराया जाता है, जिसके आधार पर अपात्र लाभार्थियों की पेंशन निरस्त की जाती है।
-
सत्यापन में मृत व दूसरी शादी करने वाली महिलाओं की पेंशन निरस्त कर दी गई है। जिन मामलों में मृत्यु के बाद पेंशन की राशि खातों में पहुंची है, उसकी रिकवरी कराई जाएगी। यदि कोई धनराशि वापस नहीं करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। एसडीएम और संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। -राकेश कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी
विधवा पेंशन में पहले भी सामने आ चुका है फर्जीवाड़ा
अमरोहा। जिला प्रोबेशन विभाग की पेंशन प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में मृत और दूसरी शादी कर चुकी महिलाओं को पेंशन मिलने का मामला सामने आने के बाद अब पुराने मामलों ने भी विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जिले में पहले भी विधवा और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची के आधार पर कई लाभार्थियों को अब तक पेंशन का भुगतान किया जाता रहा। जांच में सामने आया कि महिलाओं ने अपने जीवित पति को मृत दर्शाकर वर्षों तक विधवा पेंशन का लाभ लिया था। इससे पहले भी जिले के ढबारसी क्षेत्र में वर्षों पहले मृत हो चुके 22 लोगों के नाम पर वृद्धावस्था पेंशन जारी रहने का मामला सामने आया था। वहीं हसनपुर ब्लॉक के भीमा सुल्तानपुर गांव में भी अपात्र और मृतकों को वृद्धावस्था पेंशन दिए जाने का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था। हालांकि, फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद ऐसे लोगों की पेंशन काट दी गई थी।