अमरोहा। तहसील क्षेत्र में वन विभाग की करीब एक हजार बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिहारीपुर से हैदलपुर एतमाली तक जमीन पर कब्जा कर गन्ने की खेती की जा रही है। कुछ लोग जमीन ठेके और बटाई पर देकर आर्थिक लाभ भी उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत कर जमीन कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी भूमि का निजी खेती में इस्तेमाल हो रहा है। कुछ लोग खुद खेती करने के बजाय दूसरे किसानों को जमीन ठेके या बटाई पर दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन और राजस्व विभाग से संयुक्त रूप से भूमि का सीमांकन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अभिलेखों के आधार पर जांच से कब्जे वाले क्षेत्र, संबंधित लोगों और जमीन के निजी इस्तेमाल की अवधि का पता चल सकेगा। हालांकि, वास्तविक रकबा और कब्जे से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पहले भी हटाया गया था कब्जा
वन रेंजर नरेश कुमार ने बताया कि मई-जून में कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उस दौरान वन विभाग की कुछ जमीन को कब्जामुक्त कराया गया था। शेष भूमि की भी जांच कराई जाएगी। जहां भी वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा मिलेगा, उसे हटवाया जाएगा।