गन्ना आपूर्ति कर अपने 13 साल के पुत्र के साथ गांव लौट रहे ग्रामीण को पुलिसकर्मियों ने अकारण थाने में बंद कर दिया। पुत्र ने पिता को छोड़ने के लिए कहा तो उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे भयभीत किशोर स्कूल जाने से भी डर रहा है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। वहीं भाजपा के नगर अध्यक्ष ने भी इस मामले को उठाने की बात कही है।
ग्रामीण का आरोप है कि पुलिस लगातार निरंकुश होती जा रही है। थाना क्षेत्र के गांव कादराबाद निवासी मनोज शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को प्रेषित पत्र में कहा है कि वह 27 मार्च को गन्ना डालकर 13 साल के बेटे के साथ गांव जा रहे थे। थाने के बाहर गांव के ही कुछ लोगों को खड़ा देखकर वह रुक गया। मनोज शर्मा का आरोप है कि इस दौरान वहां आए दरोगा अरुण कुमार व दो सिपाही सभी को थाने के भीतर ले गए। वहां पुलिस ने उन्हें गालियां दी गईं। मनोज का कहना है कि उसका पुत्र थाने के भीतर घबरा गया। उसने मुझे छोड़ने की गुहार लगाई तो पुलिसकर्मियों ने पुत्र को बुरी तरह पीटा और भविष्य खराब करने की धमकी दी। उनका कहना है कि पुत्र आदित्य बहुत घबरा गया है और स्कूल जाने से भी इनकार कर रहा है। उन्होंने एसपी से मामले की जांच कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा के नगर अध्यक्ष शुभम शर्मा ने इस मामले में पार्टी के बड़े पदाधिकारियों को भी अवगत कराया है।